ब्रिक्स घोषणा पत्र से व्यापारियों को मिलेंगे नए वैश्विक मौके : खंडेलवाल
नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में सर्वसम्मति से जारी नई दिल्ली घोषणा पत्र को भारतीय व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। चांदनी चौक सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इस घोषणा पत्र से भारतीय व्यापारियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और निर्यातकों के लिए कारोबार और निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं।
खंडेलवाल ने रविवार को कहा कि घोषणा पत्र वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आर्थिक और कूटनीतिक भूमिका को मजबूत किया है। ऐसे में ब्रिक्स के मंच से लिए गए फैसलों का सीधा फायदा भारतीय कारोबारी क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने विशेष रूप से व्यापार सुगमता, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन, डिजिटल भुगतान, तकनीकी सहयोग और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर दिए गए जोर का स्वागत किया। उनका कहना है कि इन पहलों से भारतीय कंपनियों और छोटे कारोबारियों को ब्रिक्स देशों के बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कैट महामंत्री के अनुसार, निष्पक्ष और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने तथा संरक्षणवादी नीतियों के खिलाफ रुख से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए ज्यादा स्थिर माहौल तैयार होने की उम्मीद है और भारतीय कारोबारियों के लिए नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ सकते हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि घोषणा पत्र की दिशा आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल जैसे अभियानों के अनुरूप है। इससे भारतीय निर्माताओं, व्यापारियों और उद्यमियों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और फिनटेक जैसे क्षेत्रों पर दिए गए महत्व को भी अहम बताया। खंडेलवाल का कहना है कि इन क्षेत्रों में भारत तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और ब्रिक्स सहयोग के जरिए भारतीय तकनीकी एवं कारोबारी कंपनियों को नए अवसर मिल सकते हैं।
घोषणा पत्र की भावना को जमीन पर उतारने के लिए खंडेलवाल ने 'ब्रिक्स ट्रेड कनेक्ट मिशन' शुरू करने का सुझाव दिया। उनका प्रस्ताव है कि इस पहल के माध्यम से भारतीय व्यापारियों और एमएसएमई को ब्रिक्स देशों के बाजारों की जानकारी, संभावित खरीदारों और विक्रेताओं से संपर्क, निर्यात संबंधी सहायता तथा बिजनेस नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
खंडेलवाल ने आतंकवाद के खिलाफ अपनाए गए सख्त रुख का भी स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले समर्थन के तौर पर देखा।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली घोषणा पत्र केवल कूटनीतिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, व्यापार विस्तार और वैश्विक सहयोग की दिशा तय करने वाला रोडमैप है। उनके अनुसार, भारत की बढ़ती भूमिका का लाभ देश के व्यापारियों, उद्यमियों, एमएसएमई और उद्योग जगत को आने वाले समय में मिल सकता है।