भारत में महंगे हुए iPhone, कीमतों में 40% तक उछाल
नई दिल्ली। भारत में आईफोन खरीदने वालों के लिए अब जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। एप्पल ने अपने आईफोन लाइनअप की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। कुछ मॉडल्स पर यह इजाफा 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कीमतों में इस बदलाव के पीछे बढ़ती मेमोरी लागत के अलावा कमजोर रुपए और उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी जैसे कारण भी बताए जा रहे हैं।
एप्पल ने अपनी नई स्मार्टफोन पीढ़ी के साथ फोल्डेबल फोन सेगमेंट में भी कदम रखा है। कंपनी का नया आईफोन डुओ 2,99,900 रुपए की कीमत पर पेश किया गया है। स्थानीय स्तर पर असेंबल नहीं होने के कारण इस डिवाइस पर आयात शुल्क का असर भी पड़ने की संभावना जताई गई है।
आईफोन 17 के 256GB मॉडल की कीमत अब 99,900 रुपए हो गई है, जबकि पहले यह 82,900 रुपए में उपलब्ध था। यानी इस वेरिएंट पर 17,000 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह 512GB मॉडल की कीमत 1,02,900 रुपए से बढ़कर 1,24,900 रुपए पहुंच गई है, जो 22,000 रुपए का इजाफा है।
सबसे बड़ी बढ़ोतरी आईफोन एयर के 1TB वेरिएंट में देखने को मिली है। इसकी कीमत 1,59,900 रुपए से बढ़कर 2,24,900 रुपए हो गई है। यानी इस मॉडल की कीमत में करीब 40.6 प्रतिशत की छलांग लगी है। आईफोन एयर के 256GB और 512GB मॉडल भी करीब 25 प्रतिशत महंगे किए गए हैं।
इसके अलावा आईफोन 17ई की शुरुआती कीमत अब 79,900 रुपए बताई गई है, जो पिछली कीमत के मुकाबले 23.1 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, 128GB वाले आईफोन 16 की कीमत 28.6 प्रतिशत बढ़कर 89,900 रुपए हो गई है। आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए और आईफोन 18 प्रो मैक्स की कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है।
भारत में प्रो मॉडल्स की कीमतों में हुआ इजाफा दूसरे प्रमुख बाजारों के मुकाबले ज्यादा है। अमेरिका में आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की कीमतों में क्रमशः 9 और 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, भारत में आईफोन की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जबकि वैश्विक स्तर पर औसत बढ़ोतरी करीब 8 से 10 प्रतिशत है।
तरुण पाठक ने कीमतों में उछाल के पीछे मेमोरी की लागत, रुपए की कमजोरी और भारत में उत्पादन से जुड़ी बढ़ी हुई लागत को अहम कारण बताया। वहीं, साइबरमीडिया रिसर्च के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम का मानना है कि 2,99,900 रुपए वाला आईफोन डुओ कंपनी के प्रो मॉडल्स से भी ऊपर एक अल्ट्रा-प्रीमियम कैटेगरी बनाने की कोशिश है।
प्रभु राम के मुताबिक, शुरुआत में आईफोन डुओ बड़े पैमाने पर बिक्री बढ़ाने के बजाय एप्पल की प्रीमियम ब्रांड इमेज को मजबूत करने में ज्यादा भूमिका निभा सकता है। फाइनेंसिंग विकल्प महंगे प्रो मैक्स मॉडल्स की मांग को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जबकि आईफोन डुओ की शुरुआती शिपमेंट सीमित रहने और सप्लाई संबंधी चुनौतियों का सामना करने की संभावना है।
फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार फिलहाल कुल स्मार्टफोन शिपमेंट का 1 प्रतिशत से भी कम है। हालांकि, एप्पल के इस सेगमेंट में प्रवेश से फोल्डेबल फोन की लोकप्रियता और बाजार के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।