Dark Mode
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 707 अंक टूटा; निफ्टी 23,300 के नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 707 अंक टूटा; निफ्टी 23,300 के नीचे

मुंबई। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 23,300 के अहम स्तर से नीचे चला गया, जबकि मेटल और रियल्टी सेक्टर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाते नजर आए।

सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 707 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,192 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 238 अंक यानी करीब 1 प्रतिशत टूटकर 23,238 के स्तर पर आ गया। बाजार में गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ शुरुआती कारोबार के प्रमुख कमजोर सेक्टर रहे। इसके अलावा निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, कमोडिटीज, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, इंडिया डिफेंस, सर्विसेज, इंफ्रा, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इस दौरान सिर्फ निफ्टी आईटी में तेजी देखने को मिली।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की स्थिति भी कमजोर रही। निफ्टी मिडकैप 100 868 अंक यानी 1.40 प्रतिशत गिरकर 61,488 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 284 अंक यानी 1.33 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,756 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स के कुछ शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच राहत दी। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, आईटीसी, भारती एयरटेल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इटरनल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी दबाव में रहे।

भारतीय बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण वैश्विक संकेत भी हैं। एशिया के ज्यादातर प्रमुख बाजार शुक्रवार को लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजारों में कमजोरी रही। इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स में 0.60 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है और ब्रेंट क्रूड करीब 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं या और बढ़ती हैं, तो भारत की आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।

इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड करीब 4.96 प्रतिशत पर पहुंच गई है और 5 प्रतिशत के स्तर के करीब है। जानकार इसे वैश्विक इक्विटी बाजारों के लिए महत्वपूर्ण स्तर मान रहे हैं। ऐसे माहौल में आगे भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।

 
 

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!