भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया की बढ़ी नजदीकी, राजनाथ सिंह ने दिया ‘JAI’ का संदेश
नई दिल्ली। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ बातचीत आगे बढ़ा रहा है। फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया, जापान और फिलीपींस के रक्षा नेतृत्व के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन मुलाकातों में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा हुई।
भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने तीनों देशों के मेल को ‘JAI’ यानी जापान, ऑस्ट्रेलिया और इंडिया के रूप में पेश किया। इस संदेश के जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तीनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया गया।
ऑस्ट्रेलिया के साथ सैन्य तालमेल बढ़ाने पर चर्चा
राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी की समीक्षा की। बातचीत में सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर जोर दिया गया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं। सेबू में हुई यह बैठक दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को आगे ले जाने और साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर समन्वय मजबूत करने की दिशा में अहम रही।
जापान के साथ समुद्री सुरक्षा और युद्धपोत निर्माण पर नजर
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ मुलाकात में राजनाथ सिंह ने अगस्त में हुई पिछली बैठक के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया। दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में समुद्री सुरक्षा को प्रमुखता दी गई। दोनों देशों ने समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के डिजाइन और निर्माण में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी विचार हुआ।
यह सहयोग रक्षा तकनीक और नौसैनिक क्षमताओं को आगे बढ़ाने के साथ समुद्री चुनौतियों से निपटने में दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दे सकता है।
फिलीपींस के साथ संयुक्त रक्षा उत्पादन पर जोर
रक्षा मंत्री ने फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा सचिव गिल्बर्टो सी. टेओडोरो जूनियर से भी मुलाकात की। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस से इतर हुई इस बातचीत में दोनों देशों के मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में समुद्री सुरक्षा और संयुक्त रक्षा उत्पादन प्रमुख मुद्दे रहे। भारत ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और समावेशी बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
सेबू में हुई इन बैठकों से भारत की उस रणनीति की झलक मिलती है, जिसके तहत वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए साझेदार देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया के साथ सैन्य समन्वय, जापान के साथ रक्षा तकनीक और नौसैनिक जहाजों में सहयोग तथा फिलीपींस के साथ समुद्री सुरक्षा और संयुक्त उत्पादन इस प्रयास के प्रमुख हिस्से रहे।