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किम जोंग उन ने सैन्य जासूसी उपग्रह का निरीक्षण किया, प्रक्षेपण जल्द

किम जोंग उन ने सैन्य जासूसी उपग्रह का निरीक्षण किया, प्रक्षेपण जल्द

सियोल। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने देश की अंतरिक्ष एजेंसी के दौरे में एक सैन्य जासूसी उपग्रह का जायजा लिया, जिसे प्योंगयांग जल्द प्रक्षेपित कर सकता है। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। केसीएनए के मुताबिक, मंगलवार को अंतरिक्ष एजेंसी के दौरे पर पहुंचे किम ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया का मुकाबला करने के लिए अंतरिक्ष-आधारित जासूसी को महत्वपूर्ण बताया। एजेंसी के अनुसार, किम ने जासूसी उपग्रह के प्रक्षेपण की तैयारियों के तहत ‘भविष्य के लिए एक अनिर्दिष्ट कार्य योजना’ को मंजूरी दी।

हालांकि, केसीएनए ने उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए निर्धारित तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया अगले कुछ हफ्तों में ऐसा कर सकता है। इस प्रक्षेपण के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रौद्योगिकी का सहारा लिया जा सकता है, जिसके इस्तेमाल पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पिछले प्रस्तावों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, उत्तर कोरिया द्वारा अतीत में किए गए मिसाइल और रॉकेट परीक्षणों से अंतरिक्ष में उपग्रह लॉन्च करने की उसकी क्षमता उजागर हुई है। इसके अलावा, उपग्रह की क्षमताओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ दक्षिण कोरियाई विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में दिख रहा उपग्रह काफी छोटा नजर आ रहा है, जिसे उच्च-रेजोल्यूशन वाली तस्वीरें लेने के लिए गंभीरता से डिजाइन किया गया है।

उन्होंने बताया कि उत्तर कोरियाई मीडिया ने पिछले मिसाइल प्रक्षेपणों के बाद जो तस्वीरें जारी की थीं, वे कम रेजोल्यूशन की थीं। ‘रोदोंग सिनमन’ अखबार ने मंगलवार के दौरे की जो तस्वीरें प्रकाशित की हैं, उनमें सफेद रंग का लैब कोट पहने किम और उनकी बेटी एक ऐसी वस्तु के पास खड़े वैज्ञानिकों से संवाद करते नजर आ रहे हैं, जो किसी उपग्रह का मुख्य उपकरण प्रतीत होती है। अखबार ने लाल रंग के टेप से लिपटी इस वस्तु के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। केसीएनए के मुताबिक, अंतरिक्ष एजेंसी के दौरे पर किम ने कहा कि देश के रक्षा ढांचे को मजबूत करने के उनके प्रयासों के तहत एक जासूसी उपग्रह हासिल करना अहम होगा, क्योंकि ‘साम्राज्यवादी अमेरिका और उसकी कठपुतली दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई लगातार तेज कर रहे हैं।’ किम संभवत: अमेरिका, दक्षिण कोरिया और उनके सहयोगी देशों द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों की तरफ इशारा कर रहे थे।

 

 

 

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