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हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं कुलदीप देवगुढ़ा

हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं कुलदीप देवगुढ़ा

राजस्थान के जयपुर जिले के देवगुढ़ा ग्राम की साधारण पृष्ठभूमि में जन्मे कुलदीप वर्मा देवगुढ़ा उन व्यक्तित्वों में हैं, जिनकी जीवन-यात्रा यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा इंसान को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है। कुलदीप समाज सेवा को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण , स्वच्छता, जल-संरक्षण, वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन और जन-जागरूकता—इन सभी विषयों पर ज़मीनी स्तर पर पहल की और 500 से अधिक स्वच्छता एवं जागरूकता अभियानों का सफल नेतृत्व किया। उन्होंने गुड गवर्नेंस को जमीन पर उतारकर दिखाया—जहाँ संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही प्राथमिक रही। वे आज हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा हैं।
नेहरू युवा केन्द्र संगठन से संबद्ध “जानकी रक्षा फाउंडेशन” के संस्थापक और राजस्थान के युवा आइकॉन कुलदीप वर्मा देवगुढ़ा आज सामाजिक बदलाव के पर्याय बन चुके हैं। उनके नेतृत्व में 125 युवा स्वयंसेवकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर एक ऐसी टीम तैयार की गई, जिसके अथक प्रयासों और जनसहभागिता से जाहोता ग्राम पंचायत को राजस्थान की प्रथम ‘ओडीएफ प्लस (ODF+)’ ग्राम पंचायत बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त हुआ। 200 से अधिक स्थानों पर सघन सफाई अभियान चलाकर इसे एक जन-आंदोलन बना दिया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उन्होंने 1000 से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए 100 से अधिक स्थानों पर वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन और ग्राम नर्सरी तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए, जो भविष्य की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर हैं। उनके प्रयासों से 500 से अधिक महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता के तहत 500 से अधिक महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।
युवा नेतृत्व, स्वास्थ्य और कोरोना सेवा युवाओं को सही दिशा देने के उद्देश्य से उन्होंने जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में 47 से अधिक युवा मंडलों का गठन किया। उन्होंने 500 से अधिक युवाओं को योग प्रशिक्षण, 1000 युवाओं को खेलकूद गतिविधियों और 1000 से अधिक युवाओं को नशामुक्ति अभियान से जोड़कर उन्हें सकारात्मक मार्ग दिखाया।
कोरोना महामारी के संकटकाल में उन्होंने एक सच्चे योद्धा की भूमिका निभाते हुए 1000 से अधिक लोगों को सहायता व जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा। इसके अतिरिक्त, मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए 100 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया, जिसके माध्यम से 1300 से अधिक युवाओं ने रक्तदान कर जीवन रक्षा में योगदान दिया। देवगुढ़ा का जीवन नई पीढ़ी के लिए यह संदेश है कि शिक्षा, सतत परिश्रम, पर्यावरण के प्रति संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी—इन चार स्तंभों पर खड़ा व्यक्ति न केवल सम्मान पाता है, बल्कि समाज को नई दिशा भी देता है।
भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2019-20 के राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें स्वच्छ भारत समर इंटरशिप पुरस्कार 2.0 एवं निफा द्वारा अंतरराष्ट्रीय चेंज मेकर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। कुलदीप वर्मा देवगुढ़ा का यह सफर सिद्ध करता है कि संगठित युवा शक्ति ही एक स्वाभिमानी और विकसित राष्ट्र का आधार है।


-पंकज कुमार

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