लेफ्टिनेट जनरल सगत सिंह 103 वी जन्म जयंती
रतनगढ़ । तहसील के ग्राम ग्राम कुसुमदेसर मे लेफ्टिनेट जनरल सगत सिंह की 103 वी जन्म जयंती उन की जन्मभूमि पर मनाई गए. इस मौके पर ग्रामीणजनो ने उनकी मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए। युवावो ने राष्ट्रगान गा कर सगत सिंह अमर रहे के नारे लगाए। इस मौके पर पवन सिंह सरपंच प्रतिनिधि ने कहाँ की कल्पना करना भी मुश्किल है उस समय एक छोटे से गांव से निकल कर सेना के शिर्ष पद पर पहुंचना कितना सघर्ष मय रहा होगा। सगत सिंह सेना के ऐसे सेनानायक थे जिन्होंने एक भी युद्ध नहीं हारा चाहे व 1961 गोवा मुक्ति सग्राम हो या नाथूला पर 1967 मे चीन को पीछे धकेल ते हुए उन के 400 सैनिक मार पर तारबंदी करवाना हो अथवा 1971 मे विश्व का भूगोल बदल कर पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश जैसे नये देश का निर्माण करना हो। सगत सिंह ने मेगना नदी पार कर ढाका पर कब्जा किया जिस से 93000 पाकिस्तानी सेनिको ने आत्मसमर्पण किया। ऐसे थे महान सेनानायक ले. जनरल सगत सिंह राठौर। इस अवसर पर रुक्मानंद भींचर, कालू सिंह, रामेश्वर भींचर, किशन सिंह, जोगेन्द्र सिंह, रामलाल नायक, दुर्गा राम भींचर, रिखा राम डूडी, दिनेश स्योराण, सुभाष डूडी, युधिष्ठर शर्मा, बजरंग मेघवाल, परमेश्वर सिंह, शीशपाल डूडी, नेमीचंद श्योराण, अनिल, मेजर सिंह, झाबर जी डूडी, त्रिलोक गहलोत, गोरधन सिंह, मोनेन्द्र सिंह आदि उपस्थिति थे।