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केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरनाक, पायलट का आरोप

केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरनाक, पायलट का आरोप

जोधपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। बंगाल समेत कई राज्यों में विपक्षी नेताओं को डराने, दबाने और बदनाम करने के लिए ईडी की कार्रवाई की जा रही है। वह आज सुबह जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू थे। वह बाड़मेर जाने के लिए जोधपुर आए थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

पायलट ने कहा कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके मामलों में सजा की रेट एक फीसदी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को सडक़ से सदन तक उठाएगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लोगों को सौ दिन का रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे। आज की स्थिति में देश में अमीर और ज्यादा अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब और ज्यादा गरीब हो रहा है। यह असमानता गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी सबसे बड़ा संकट है, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। मनरेगा को सरकार खत्म करने की ओर सरकार बढ़ रहे हैं। बजट कम किया जा रहा है। पहले निर्णय गांव में लिए जाते थे लेकिन अब इसको लेकर राजधानी में लिए जाएंगे।

पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार का मन है कि चुनाव कभी कराएं ही नहीं क्योंकि वे जान चुके हैं कि जनता आक्रोशित है और अपनी भड़ास निकालेगी। सरकार चुनाव टालने के बहाने खोजती रहती है। सरकार में सत्ता के कई कें द्र हो गए हैं। रोज चर्चा रहती है कि सरकार में कब बदलाव होगा, मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कब होगा। चलाने वाले लोग दिल्ली की तरफ देखते हैं। वहां से कोई इशारा होता है तो यहां से कार्रवाई होती है। लोगों ने यहां कि सरकार को चुना था, फिर दिल्ली की तरफ क्यों बार-बार देखना पड़ रहा है।

पायलट ने भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया कि दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन एक भी काम नहीं गिना सकती। घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं हुए। लोगों का सरकार से विश्वास खत्म हो रहा है। कानून व्यवस्था का सवाल है। मनमानी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कोई काम नहीं हो रहे। सभी निर्माण बंद हैं। बजट नहीं है। कामों के लिए रुपए नहीं दे पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि राज चल किसका रहा है, यह पता नहीं चल रहा। मनरेगा में बदलाव पर पायलट ने कहा कि केंद्र ने बीते समय में लोगों के काम का हक कम किया है। देश में योजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं, लेकिन महात्मा गांधी का नाम किससे पूछकर हटाया, पता नहीं है। मनरेगा गरीब आदमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण योजना थी।

बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं में बदलाव को लेकर पायलट ने कहा कि कुछ जिलों की सीमा में जो परिवर्तन किए जा रहे हैं, वे प्रशासनिक आवश्यकता से अधिक राजनीतिक परिणाम लगते हैं। ये सीमाओं में तोडफ़ोड़ बिना जनता की राय लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांकन की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के बजाय, उसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम जनता में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है। हमारे वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, हम साथ खड़े हैं।

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