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आधुनिक ट्रेनें दे रहीं विकसित होते भारत को गति

आधुनिक ट्रेनें दे रहीं विकसित होते भारत को गति

देश की आध्यात्मिक नगरी, आर्थिक नगरी हो या फिर पौराणिक शहर.... केंद्र सरकार देश के सभी शहरों में वंदे भारत कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। इसका मूल उद्देश्य है कि व्यापार में वृद्धि के साथ पर्यटन, विरासत और संस्कृति को भी संजोया जा सके। 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वाराणसी के बीच पहली बार देश की पहली वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की थी। वंदे भारत ट्रेन इसलिए भी खास है क्योंकि यह स्वदेशी निर्मित ट्रेन देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। बीते 5 वर्षों से यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। केंद्र सरकार 30 दिसंबर 2023 तक 40 जोड़ी वंदे भारत ट्रेन देशभर की रेल पटरियों पर दौड़ा चुकी है। वंदे भारत ट्रेनें अब तक देश के 250 से अधिक जिलों में अपनी पहुंच बना चुकी है। आंकड़ों के अनुसार 9 जनवरी 2024 तक वंदे भारत ट्रेनों ने 16,521 ट्रिप्स यानी फेरे लगाए हैं। इन ट्रिप के जरिए 1.61 करोड़ से अधिक लोगों ने सफलतापूर्वक अपनी यात्रा पूरी की है। जानिए वंदे भारत ट्रेनों की विशेषता

- एग्जीक्यूटिव क्लास में घूमने वाली सीटों के साथ रीक्लिनिंग एर्गोनॉमिक सीटें और आरामदायक सीटें

- सभी कोचों में सीसीटीवी और हर सीट के लिए मोबाइल चार्जिंग सॉकेट की उपलब्धता

- स्वचालित प्लग दरवाजे, हर कोच में आपातकालीन खुलने वाली खिड़कियां और अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन अलार्म पुश बटन

- हॉट केस, वाटर कूलर, डीप फ्रीजर और हॉट वॉटर ब्वॉयलर की सुविधा के साथ पैंट्री सर्विस

- वॉइस रिकॉर्डिंग सुविधा और क्रैश हार्डेड मेमोरी के साथ ड्राइवर गार्ड कम्युनिकेशन

- रिमोट मॉनिटरिंग के साथ कोच कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम डिस्प्ले

अमृत भारत ट्रेनें

देश को दो अमृत भारत ट्रेनों की सौगात मिली है जो की दरभंगा-अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस और मालदा टाउन एम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस है। रेल यात्रियों को सुंदर और आकर्षक डिजाइन वाली सीटें, सामान रखने के लिए शानदार रैंक, मोबाइल होल्डर, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, एलइडी लाइट, सीसीटीवी कैमरे, सार्वजनिक सूचना प्रणाली जैसी कई सुविधाएं दी गई है।

भारत गौरव ट्रेन


भारतीय रेलवे ने भारत गौरव ट्रेनों की शुरुआत 14 जून 2022 को की थी जो कुल 2,880 किलोमीटर की दूरी की यात्रा को तय करती है। यह ट्रेन कोयंबटूर से मंत्रालय और शिरडी तथा वापसी के लिए शुरू की गई है। इस ट्रेन को चालू करने का मूल उद्देश्य है कि भारत की समृद्धि सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली ऐतिहासिक स्थलों को प्रदर्शित किया जा सके।

रीजनल रैपिड ट्रेन नमो भारत

इसी कड़ी में रैपिड रेल सेवा की भी शुरुआत की गई है जो कि नमो भारत से हुई है। इस रीजनल रैपिड ट्रेन की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी, जो नए भारत के नए सफर, नए संकल्पों को परिभाषित कर रही है।

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