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आग में जिंदा भस्म हो गई मां-बेटी,जिंदा बच गया पिता

आग में जिंदा भस्म हो गई मां-बेटी,जिंदा बच गया पिता

जलाकर हत्या की आंशका में पुलिस केस दर्ज

 


बीकानेर। गजनेर थाना इलाके के गांव चांडासर में गुरूवार की रात एक दलित परिवार की झोंपड़ी में भभके आग के दानावल ने नींद में सो रही मां-बेटी को जिंदा भस्म कर दिया,परिवार के मुखिया ने मुश्किल से अपनी जान बचाई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह ह्दय विदारक घटना देर रात चांडासर निवासी रेंवतराम सांसी की झोपड़ी में हुई। घटना में जिंदा जली मां और उसकी दुधमुंही बच्ची के झुलसे शव देख कर आस पास के लोगों की रूंह भी कांप गई। बताया जाता है कि मजदूरी करके परिवार चलाने वाला 30 वर्षीय रेंवतराम सांसी,उसकी पत्नि ममता और एक साल की दुधमुंही बच्ची खुशी रात को झोंपड़े में सो रहे थे। देर रात को झोंपड़े में अचानक आग लग गई और आग की चपेट में आने से झोंपड़ा लाक्षागृह में तब्दील हो गया। इस दौरान रेंवतराम की आंख खुल गई और वह बाहर निकल आया। उसने अपनी पत्नि और बच्ची को निकालने का प्रयास किया इससे पहले ही आग की लपटों में गिरी झोंपड़ी नीचे गिर गई और उसकी चपेट में आने से ममता और उसकी बच्ची जिंदा जल गई। आगजनी का आलम देखकर आस पास के लोगों ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक मां-बेटी की दर्दनाम मौत हो चुकी थी। आग से झुलस जाने के कारण दोनों शव कंकाल में तब्दील हो गये। इस विभत्स घटना को लेकर मृतका ममता के पिता ने अपनी बेटी और दोहिती को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए पति रेंवतराम,ससुर रामलाल और सास गीता पर हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस भी मान रही है कि हादसा संदिग्ध है । पुलिस ने पूछताछ के लिये रेंवतराम को हिरासत में भी ले लिया है। एसपी तेजस्वनी गौतम एवं भाजपा नेता चंपालाल गेदर भी मौके पर पहुंचे चांडासर में हुई इस विभत्स घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी तेजस्वनी गौतम

एवं भाजपा नेता चंपालाल गेदर भी मौके पर पहुंचे और
इस दौरान एसपी ने तेजस्वी गौतम ने जांच के लिये एफएसल टीम को बुलाया गया। जानकारी के अनुसार ममता और रेंवतराम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी,दोनों के बीच कई बार झगड़ेबाजी भी हो चुकी है। दोनों के एक लडक़ा और एक लडक़ी थे। हादसे के वक्त लडक़ी खुशी अपनी मां के पास और लडक़ा पंकज दादा के पास सो रहा था। इसी कारण वो बच गया। तीन साल के पंकज को अभी ये एहसास ही नहीं है कि उसकी मां और बहन जिंदा जल गए। पंकज अभी अपने दादा के पास ही है । इस हादसे में झोंपड़ा जल कर तबाह हो गया लेकिन रेंवतराम कैसे बच गया,इसे लेकर भी सवाल उठ रहे है। यह भी सामने नहीं आया है कि आग लगी कैसे थी। गजनेर एसएचओं धमेन्द्र सिंह ने बताया कि रात को घटना हुई थी। मौके पर पहुंचे तब दो की बॉडी कंकाल बन चुकी थी। परिजनों की रिपोर्ट के आधार जांच कर रहे हैं ।

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