MSME को मिलेगा बड़ा फायदा, पीएम मोदी ने गिनाए नए अवसर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे सही दिशा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।
राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास मॉडल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता सहित लगभग हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान तेजी से बढ़ रहा है। राज्यों को महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल रही है, जिससे निर्यात और आर्थिक गतिविधियों में नए अवसर पैदा हुए हैं। विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को इसका बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाकर भारतीय एमएसएमई वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। हाल के समय में भारत ने ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ओमान और न्यूजीलैंड सहित कई देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाया है, जबकि अमेरिका के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
नीति आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस वर्ष गवर्निंग काउंसिल बैठक की थीम "2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास" रखी गई है। इसका उद्देश्य देश के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है, चाहे उसकी उम्र, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।