ECI विवाद पर नड्डा का राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर हमला बोला है। सोमवार को मीडिया से बातचीत में नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का मुख्य एजेंडा देश की स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और उन्हें कमजोर करना है।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन देश में हो रहे विकास से निराश है और इसी वजह से संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यों की कसौटी पर बार-बार गलत साबित हुए हैं। नड्डा ने चुनाव आयोग और अदालतों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष के आरोपों की सच्चाई सामने आ चुकी है।
राहुल गांधी समेत कई नेताओं पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के साथ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए उन पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
नड्डा ने कहा कि किसी आरोप को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता। उन्होंने विपक्ष पर देश का माहौल खराब करने और भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, विपक्ष को देश की सुरक्षा, जनकल्याण और प्रतिष्ठा की चिंता के बजाय सत्ता हासिल करने पर ध्यान है। ये नड्डा द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
चुनाव आयोग के हालिया बयान का दिया हवाला
नड्डा की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चुनाव आयोग ने SIR समेत अपने फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। ECI ने कहा है कि वह संविधान के अनुच्छेद 324 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय के रूप में काम करता है। आयोग के अनुसार, लिखित टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक विचार-विमर्श उसकी नियमित संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक के बाद ECI ने SIR से जुड़े कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों की जानकारी भी दी। आयोग ने कहा कि बैठक में लिए गए फैसलों को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त थी।
विपक्ष और BJP के बीच बयानबाजी तेज
ECI की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद BJP नेताओं ने भी मोर्चा संभाला है। इससे पहले BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम पैदा करने वाला बताया था। दूसरी ओर, विपक्षी नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक दलों के कामकाज का फैसला करती है। उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद और निजी हितों की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ऐसे प्रयासों का जवाब देगी। यह भी नड्डा की राजनीतिक टिप्पणी है, जिसका मूल्यांकन मतदाताओं पर छोड़ना होगा।