अयोध्या में उतरा त्रेतायुग! रामायण की 21 झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
अयोध्या। रामनगरी में दसवें दीपोत्सव का उल्लास देखते ही बन रहा है। रामपथ पर निकली भव्य शोभायात्रा में ऐसा नजारा देखने को मिला, मानो रामायण के प्रसंग जीवंत होकर सामने आ गए हों। रथों पर सजी आकर्षक झांकियां, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और जय श्रीराम के जयकारों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और बजरंगबली के स्वरूपों के दर्शन कर भावविभोर नजर आए।
साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। करीब तीन किलोमीटर की यात्रा पूरी कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इस बार आयोजन में कुल 21 भव्य झांकियां शामिल की गईं, जिनमें 14 झांकियां योगी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित थीं, जबकि सात झांकियों के जरिए रामायण के सातों कांडों को प्रदर्शित किया गया।
सातों कांडों की झांकियों में दिखी रामायण की पूरी कथा
शोभायात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां रहीं। बालकांड में प्रभु श्रीराम के जन्म और बाल लीलाओं को दिखाया गया। अयोध्याकांड में वनगमन, अरण्यकांड में वनवास के प्रसंग और किष्किन्धाकांड में भगवान राम की सुग्रीव और हनुमान से मुलाकात को दर्शाया गया।
वहीं सुंदरकांड में बजरंगबली का पराक्रम, लंकाकांड में रावण के साथ युद्ध और उत्तरकांड के प्रसंगों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। एक के बाद एक गुजरती झांकियां श्रद्धालुओं को रामायण की कथा से जोड़ती रहीं।
सरकारी योजनाओं और विकास की भी दिखी झलक
धार्मिक प्रसंगों के साथ शोभायात्रा में उत्तर प्रदेश की विकास योजनाओं को भी प्रमुखता दी गई। जल जीवन मिशन, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), कृषि एवं पशुपालन, आयुष्मान कैशलेस योजना और स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश जैसी योजनाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
इसके अलावा विकसित भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को भी झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
ढोल-नगाड़ों और लोकनृत्यों ने बांधा समां
शोभायात्रा में केवल झांकियां ही नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिली। अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर शानदार थाप दी, वहीं नगाड़ों और ताशों की गूंज ने माहौल में नई ऊर्जा भर दी।
कलाकारों के करतब और पारंपरिक वेशभूषा में उनकी प्रस्तुतियों ने रामपथ को एक बड़े सांस्कृतिक मंच में बदल दिया। श्रद्धालु रास्ते के दोनों ओर खड़े होकर इस भव्य आयोजन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
पर्यटन मंत्री बोले- हर साल टूटेगा अपना ही रिकॉर्ड
शोभायात्रा की भव्यता देखकर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव अलौकिक, दिव्य और भव्य आयोजन है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शाम को होने वाला मुख्य कार्यक्रम भी बेहद शानदार रहेगा।
मंत्री ने कहा कि हर साल पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास किया जाता है और इस बार भी नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी है। उनके मुताबिक, दीपोत्सव अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाला उत्सव बन चुका है।
श्रद्धालुओं ने कहा- अयोध्या का बदला स्वरूप देखकर मन खुश हुआ
शोभायात्रा देखने पहुंचे लोगों में भी जबरदस्त उत्साह नजर आया। उन्नाव से आए सुशील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या का भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। दीपोत्सव की झांकियों ने उनका मन आनंदित कर दिया।
जौनपुर से आए राम कुमार ने रामायण के प्रसंगों और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। वहीं बलरामपुर की सुशीला ने कहा कि रामकथा का सजीव मंचन और लोक कलाकारों का प्रदर्शन बेहद आकर्षक रहा।
जय श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा रामपथ
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के स्वरूपों को अपलक निहारते रहे। कई लोगों ने हाथ जोड़कर दर्शन किए तो कुछ श्रद्धालु भावुक हो उठे। पूरे रास्ते जय श्रीराम के उद्घोष और ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजती रही।
रामायण के प्रसंगों, पारंपरिक कलाओं और भव्य झांकियों के इस संगम ने दसवें दीपोत्सव को खास बना दिया। रामपथ पर उमड़ी श्रद्धा और उत्साह ने एक बार फिर अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया।