निशा भगत की मौत पर गिरिराज सिंह का हमला, प्रियंका गांधी से पूछा सवाल
नई दिल्ली। झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा कुमारी भगत की आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निशा भगत को कई बार हमलों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकी।
आईएएनएस से बातचीत में गिरिराज सिंह ने निशा भगत को निडर आदिवासी बेटी बताया। उनके मुताबिक, निशा आदिवासी जमीन और आदिवासी लड़कियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार हमले होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, जिसके लिए राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए।
इस मामले में गिरिराज सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रियंका गांधी के चर्चित नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का हवाला देते हुए पूछा कि निशा भगत के मामले में उनकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि निशा भी किसी की बेटी थीं और कांग्रेस नेताओं को इस घटना पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
इरफान अंसारी के बयान पर भी कांग्रेस को घेरा
झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी के बयान को लेकर भी गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया और दावा किया कि राहुल गांधी ने अब तक अंसारी के बयान की निंदा नहीं की है। हालांकि, ये आरोप गिरिराज सिंह ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं।
सोनिया गांधी के लेख पर भी उठाए सवाल
सोनिया गांधी के लोकतंत्र से जुड़े लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी लोकतंत्र की चिंता कर रही हैं या राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने में लगी हैं। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर भी विचार करना चाहिए।
गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल और भारतीय नागरिकता को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने उनके इटली से संबंधों और भारत की नागरिकता लेने में लगे समय पर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने सोनिया गांधी के परिवार और धार्मिक मान्यताओं को लेकर भी आरोप लगाए। ये सभी बातें केंद्रीय मंत्री की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
गाजियाबाद धमाके पर ओवैसी और अखिलेश से सवाल
गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुए धमाके को लेकर भी गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने इस घटना को चरमपंथी गतिविधियों से जोड़ते हुए मुस्लिम नेताओं से इसकी निंदा करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध आम मुसलमानों से नहीं, बल्कि चरमपंथी गतिविधियों से है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और राहुल गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने पूछा कि इन नेताओं ने घटना पर खुलकर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे मामलों पर बोलने से बच रहे हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से भी धमाके की निंदा करने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में डर का माहौल बनाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। इस तरह निशा भगत की मौत से शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब झारखंड सरकार के साथ-साथ कांग्रेस और उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं तक पहुंच गई है।