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नॉर्थ कोरिया ने माना- हिरासत में है अमेरिकी सैनिक

नॉर्थ कोरिया ने माना- हिरासत में है अमेरिकी सैनिक

अब वापसी के लिए UN कर रहा कोशिश; किम जोंग अमेरिका से बातचीत को तैयार नहीं


प्योंगयांग .  अमेरिकी सैनिक के साउथ कोरिया से बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया जाने पर पहली बार तानाशाह किम के देश की प्रतिक्रिया सामने आई है। UN के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया ने सैनिक ट्रैविस किंग की कस्टडी की बात स्वीकार कर ली है। UN कमांड ने सैनिक को वापस लाने के लिए मामले की गंभीरता देखते हुए और जानकारी देने से इनकार कर दिया।

हालांकि, नॉर्थ कोरिया के इस रिएक्शन के बाद उम्मीद की जा रही है कि वो मामले में बातचीत के लिए तैयार हो सकता है।

ट्रैविस 18 जुलाई को बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया चला गया था। यहां उसे तानाशाह किम जोंग उन के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। ‌‌BBC की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैविस किंग नाम का ये सैनिक साउथ कोरिया में भी मारपीट के आरोपों के चलते 2 महीने जेल में काट चुका था। उसे जल्द ही अमेरिका वापस भेजा जाना था।'
बिना इजाजत नॉर्थ कोरिया में दाखिल हुआ ट्रैविस
ट्रैविस नॉर्थ कोरिया में बिना इजाजत दाखिल हुआ था। UN कमांड के मुताबिक जब ट्रैविस नॉर्थ कोरिया में घुसा तो वो साउथ कोरिया की एक टीम के साथ जॉइंट सिक्योरिटी एरिया के टूर पर पानमुनजोम गांव में था। ये वहीं गांव है जहां कोरिया में हुई जंग के बाद युद्ध विराम हुआ था। इसके बाद अमेरिका ने मामले में नॉर्थ कोरिया से बातचीत की भी कोशिश की, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हुए।

ट्रैविस पर लगा था 3 लाख का जुर्माना
BBC की रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रैविस किंग ने सितंबर में नाइट क्लब में एक युवक के साथ मारपीट की थी। उसने पुलिस की कार के साथ तोड़-फोड़ की और उनके खिलाफ भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस मामले में उस पर 3,950 डॉलर, यानी 3 लाख रुपए का जुर्माना लगा था। दो महीने की सजा के बाद उसे 10 जुलाई को रिहा किया गया था। ट्रैविस को सेना की निगरानी में भी रखा गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जब उसे वापस अमेरिका भेजने के लिए एयरपोर्ट ले जाया गया तो उसने कहा कि उसका पासपोर्ट खो गया है। इसके बाद वो उस टीम शामिल हो गया जो साउथ-कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बॉर्डर का टूर करने जा रही थी।

एक चश्मदीद ने बताया कि वो बॉर्डर क्रॉस करने के बाद जोर-जोर से हंसा था। वहीं, एक दूसरे चश्मदीद ने कहा कि जब उसने ट्रैविस को बॉर्डर क्रॉस करते देखा तो उसे लगा वो कोई टिकटॉक वीडियो बनाने के लिए ऐसी बेतुकी हरकत कर रहा है।
पहले भी बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया भाग चुके अमेरिकी
1950 से 1953 तक एक-दूसरे के खिलाफ जंग लड़ चुके अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच संबंध अच्छे नहीं है। अमेरिका नॉर्थ कोरिया पर कई तरह की पाबंंदियां लगा चुका है। ऐसे में किसी अमेरिकी सैनिक का बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया जाना बड़ी घटना है। हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब कोई अमेरिकी भागकर नॉर्थ कोरिया चला गया हो।

1965 में अमेरिकी सार्जेंट चार्ल्स रोबर्ट जेनकिंस वियतनाम जंग में हिस्सा लेने से बचने के लिए नॉर्थ कोरिया भाग गए थे। इसके बाद उन्हें पूरे 39 साल बाद 2004 में नॉर्थ कोरिया से लौटने की इजाजत मिली थी। जापान लौटने के बाद उन्होंने बताया था कि उन्होंने नॉर्थ कोरिया के सैनिकों को इंग्लिश पढ़ाई थी।

2009 में लॉस एंजिल्स का एक मिशनरी रॉबर्ट पार्क चीन की तरफ से क्रिसमस के दिन नॉर्थ कोरिया में घुस गया। इस दौरान उसने हाथ में बाइबिल पकड़ी थी और वो चिल्ला-चिल्ला कर 'जीजस लव्स नॉर्थ कोरिया' कह रहा था। रॉबर्ट पार्क को नॉर्थ कोरिया ने 43 दिन तक हिरासत में रखने के बाद देश से निकाल दिया।

वहीं, 2013 में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया की एक छात्रा मेरिल एडवर्ड न्यूमैन नॉर्थ कोरिया चली गई थी। जहां उसे पोस्टर चुराने के आरोप में 15 साल की सजा दी गई थी। हालांकि, 2017 में 17 महीने की जेल की बाद उसे छुड़ा लिया गया था। अमेरिका लौटने के कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई ।

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