NEET विवाद पर विपक्ष का हमला, अखिलेश बोले- सरकार की जवाबदेही आखिर किसकी?
नई दिल्ली। NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय छात्रों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की जवाबदेही केवल खातों तक सीमित नहीं हो सकती और परीक्षा व्यवस्था में सामने आई गड़बड़ियों पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना था कि आज लगभग हर बड़ा मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाता है और NEET पेपर लीक का मामला भी उससे अलग नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्र अपनी समस्याएं लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
कांग्रेस सांसद हिबी ईडेन ने दावा किया कि पिछले एक दशक में देशभर में बड़ी संख्या में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को उन्होंने पहले भी संसद में उठाया था, लेकिन अब तक प्रभावी जांच या ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराई।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई और NEET विवाद पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन उससे पहले शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्री इस मुद्दे पर अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद के भीतर और बाहर विपक्ष की मांग एक ही है—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों की आवाज संसद तक पहुंचाता रहेगा और जवाबदेही तय होने तक अपनी मांग पर कायम रहेगा।