बलूचिस्तान में बीएलए के हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारे गए
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बीएलए ने बलूचिस्तान के कई जिलों में ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज-2’ के तहत हमला किया।
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80 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी मारे गए, 18 बंदी बनाए गए।
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सरकारी संपत्तियों और वाहनों को नुकसान, तटीय शहर ग्वादर और फुलाबाद में नागरिक प्रभावित।
क्वेटा। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान प्रांत में सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने दावा किया कि ऑपरेशन ‘हेरोफ फेज-2’ में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी यूनिट्स के जवानों सहित 80 से अधिक लोग मारे गए। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच के अनुसार, ये हमले लगभग दस घंटे तक चले और कई जिलों में किए गए।
बीएलए ने कहा कि ऑपरेशन में क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबांदिन, कलात और अन्य कस्बों के प्रमुख सुरक्षा, सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि कई सरकारी संपत्तियों पर कब्जा किया गया या उन्हें नष्ट कर दिया गया, जिसमें सरकारी दफ्तर, बैंक और जेल शामिल थे। साथ ही, 20 से ज्यादा वाहनों में आग लगाई गई और कुछ इलाकों में सीमित समय के लिए नियंत्रण भी स्थापित किया गया।
पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के तटीय शहर ग्वादर में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक रिहायशी परिसर पर हमला हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 12 लोग मारे गए और लगभग 10 घायल हुए। वहीं, तुर्बत जिले के फुलाबाद में पाकिस्तानी सैनिकों ने नागरिक इलाकों में मोर्टार दागे। गोलाबारी में 15 साल का लड़का मारा गया, पांच साल का बच्चा और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं। सेना ने फुलाबाद में घरों को गिराना भी शुरू किया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के अनुसार, बलूचिस्तान में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, और जांच जारी है।