ईरान में IAEA निरीक्षकों की एंट्री पर पेजेश्कियन ने दिए संकेत
वाशिंगटन/तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि किसी नए समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को ईरान में आने और निरीक्षण करने की अनुमति देने पर बातचीत हो सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच परमाणु मुद्दे और व्यापक समझौते को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
अमेरिकी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में पेजेश्कियन ने कहा कि यदि IAEA के निरीक्षक ईरान आकर निरीक्षण करना चाहते हैं, तो नए समझौते के तहत इस मुद्दे पर सहमति बनाई जा सकती है। इससे पहले परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं।
पेजेश्कियन ने परमाणु हथियारों के सवाल पर कहा कि ईरान ऐसे हथियार बनाने का इरादा नहीं रखता। उन्होंने इसके लिए धार्मिक आधार का हवाला देते हुए परमाणु हथियारों को 'वर्जित' बताया। उनका कहना था कि भले ही ईरान में कुछ लोग इस तरह के हथियार बनाने की इच्छा रखते हों, लेकिन धार्मिक रूप से उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
अमेरिका के साथ संभावित सीधी बातचीत पर पेजेश्कियन ने दोनों देशों के बीच बने अविश्वास को प्रमुख बाधा बताया। उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए किन मुद्दों पर सहमत होना चाहते हैं। पेजेश्कियन ने बातचीत के दौरान ईरान पर हुए हमले का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सीधे संवाद के लिए विश्वास बहाल करना जरूरी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि अमेरिका ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। हाल में ईरान की ओर से जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की संभावना को अमेरिका के साथ तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने से जोड़ा गया है।
पेजेश्कियन ने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों, सैन्य दबाव और पूर्व में की गई प्रतिबद्धताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है, तो क्या अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा।
नए सुप्रीम लीडर से मुलाकात का भी जिक्र
साक्षात्कार के दौरान पेजेश्कियन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई के साथ अपने संबंधों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि हाल में दोनों के बीच दो मुलाकातें हुई हैं और इनमें से एक बैठक सात घंटे से अधिक समय तक चली।
पेजेश्कियन ने खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर भी कहा कि उन्हें कोई विशेष या लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है। यह बयान उन्होंने उनके साथ अपनी हालिया मुलाकातों का जिक्र करते हुए दिया।
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु मुद्दे पर निरीक्षण व्यवस्था लंबे समय से बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में पेजेश्कियन का ताजा बयान भविष्य की संभावित डील में IAEA की भूमिका और निरीक्षण व्यवस्था पर चर्चा के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, निरीक्षण की शर्तों और व्यापक समझौते पर अंतिम सहमति की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।