फलोदी : दो दिवसीय फलौदी दुर्ग महोत्सव का आज से होगा शुभारंभ
- शोभायात्रा, सांस्कृतिक संध्या व पारंपरिक प्रतियोगिताएं रहेंगी आकर्षण का केंद्र
फलोदी। सांस्कृतिक सृजन पखवाड़े के तहत राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर एवं जिला प्रशासन फलोदी के संयुक्त तत्वावधान में आज 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक दो दिवसीय फलोदी दुर्ग महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य पुरातत्व धरोहरों को संरक्षित करते हुए उनके महत्व का प्रचार-प्रसार करना, राज्य की लोक कलाओं को नई पहचान दिलाना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देना है। साथ ही नवगठित जिले को पर्यटन के मानचित्र पर विशेष स्थान दिलवाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
महोत्सव के पहले दिन 30 सितंबर को फलोदी दुर्ग से लटियाल माता मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां और लोकधुनें आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ ही बाल चित्रकला प्रतियोगिता, अमृत वाणी कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को लोक रंगों से सराबोर करेंगे।
दूसरे दिन 1 अक्टूबर को जलेबी दौड़, मटका दौड़, बोरा दौड़, रस्साकशी जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय संघों एवं लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। दीपमाला प्रज्वलन के साथ समापन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिससे महोत्सव का वातावरण और भी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रंग में रंग जाएगा।
जिला कलक्टर श्वेता चौहान ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में महोत्सव में भाग लेकर इसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्यरत है। दुर्ग महोत्सव जैसे आयोजनों से न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा बल्कि पर्यटन के नए द्वार भी खुलेंगे।
फलोदी दुर्ग महोत्सव जिले की सांस्कृतिक धरोहर और लोक जीवन के विविध रंगों का संगम बनेगा, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा।