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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा प्रदर्शन, बोले दिपके- पीछे हटने का सवाल नहीं

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा प्रदर्शन, बोले दिपके- पीछे हटने का सवाल नहीं

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। संगठन के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी सभी मांगों पर पहले की तरह कायम है।

दिपके ने बताया कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 26वां दिन है। उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के लिए उनका जीवन बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन इससे आंदोलन की दिशा और मांगों में कोई बदलाव नहीं आएगा।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई पिछली बैठक का भी जिक्र किया। दिपके का कहना था कि उन्हें कई घंटे तक इंतजार कराया गया, जबकि बातचीत बहुत कम समय तक चली। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार संवाद की बात करती है और दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती जाती है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल एक संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज बन चुका है। उनके मुताबिक, डेढ़ महीने पहले शुरू हुआ यह अभियान आज कई राज्यों तक फैल चुका है और बड़ी संख्या में लोग इसमें अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं।

रांका ने स्पष्ट किया कि संगठन की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के लिए जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करना है।

जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान मोबाइल फोन जमा कराने को लेकर उठे विवाद पर भी रांका ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय तक उनके मोबाइल फोन उनके पास नहीं थे, लेकिन बाद में फोन वापस मिलने के बाद उन्होंने मीडिया और संगठन के अन्य सदस्यों को बैठक की जानकारी दी। उन्होंने सरकार पर इस मामले को अलग दिशा देने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

रांका ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं और सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी बढ़ाया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा और जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

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