अरविंद केजरीवाल की पत्नी को HC से राहत, ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के खिलाफ दो मतदाता पहचान पत्र रखने के आरोप के मामले में शहर की एक अदालत द्वारा जारी समन पर रोक लगा दी। इस बीच, सुनवाई की अगली तारीख तक विवादित आदेश पर रोक रहेगी। न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने तीस हजारी अदालत के आदेश के खिलाफ सुनीता केजरीवाल की याचिका पर यह बात कही। उच्च न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 1 फरवरी, 2024 को करेगा। दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सचिव हरीश खुराना की शिकायत पर 29 अगस्त को उनके खिलाफ समन जारी किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि सुनीता केजरीवाल ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन किया है। चूंकि वह दो निर्वाचन क्षेत्रों साहिबाबाद, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में चांदनी चौक के मतदाता के रूप में नामांकित थीं।
तीस हजारी अदालत में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरजिंदर कौर ने 29 अगस्त को समन जारी किया, जिसमें कहा गया था कि इस अदालत की सुविचारित राय है कि प्रथम दृष्टया आरोपी व्यक्ति सुनीता केजरीवाल पत्नी के खिलाफ मामला बनता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराधों के कथित कमीशन के लिए अरविंद केजरीवाल। इसलिए, आरोपियों को तदनुसार बुलाया जाना चाहिए।