श्री केदारेश्वर महादेव कोरटा नगर प्राण प्रतिष्ठा ऐतिहासिक महोत्सव संपन्न
सुमेरपुर। उपखंड के कोरटा गांव में स्थित श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय ऐतिहासिक एवं भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन महंत श्री विक्रम गिरीजी महाराज और श्री लक्ष्मण गिरीजी महाराज के सानिध्य में महंत श्री श्री 1008 श्री जितेंद्र गिरीजी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा शुक्रवार को विधि विधान ,मंत्रोचार, ढोल नगाड़ों के साथ आबूराज मंडल की शुभा मिश्रा में संत महात्माओं की मौजूदगी में पुष्प वर्षा के साथ की गई। कोरटा नगरे श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय आयोजन महोत्सव पर संत महात्माओं के साथ भक्तों का महाकुंभ उमड़ा जहां हजारों की संख्या में मौजूद जन सैलाब भक्ति में वातावरण में डूब गया और पूरा कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना। इस आयोजन में भव्य खेतारामजी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा,भजन संध्या,चढ़ावा महोत्सव, महाप्रसादी जैसे अनेकों धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें भामाशाहों के साथ श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम को विशाल बनाते हुए राजस्थान ही नही,बल्कि पूरे भारत वर्ष में मिसाल तथा ऐतिहासिक छाप छोड़ी। इस आयोजन की तैयारी लगभग 1 साल पहले शुरू की गई जहां 22 दिसंबर शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में मूर्ति विराजित समेत आने को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय भक्तों की लंबी कतर लगी और आयोजन का लुफ्त उठाया तथा तन मन धन के साथ सहयोग प्रदान किया। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के तत्पश्चात संतों की सानिध्य में प्रवचन तथा गायक कलाकार किशोर पालीवाल पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई जहां भोर रात तक श्रोता भक्ति रस का आनंद लेते रहे। इस दौरान राम लाला की झांकी प्रस्तुत की गई जहां पंडाल में आकर्षण का केंद्र बनी, इधर झांकी को देख पंडाल में उपस्थित जन सैलाब तालिया की गड़गडाड एवं जय श्री राम घोष से गूंज उठा सरोबार। इसके साथ मंदिर परिसर में गुरुवार सुबह से अनेक धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ जहां शुक्रवार देर शाम तक चला रहा।वही इस आयोजन में दूर दराज से हजारों भक्तों का आवागमन जारी रहा और दो दिन मेले जैसा माहौल बना रहा।
महराज की हुईं मूर्ति स्थापना-
श्री केदारेश्वर महादेव के महंत श्री श्री 1008 श्री खेताराम जी महाराज के देवलोक होने के बाद उक्त मंदिर को श्री श्री भीखाराम जी महाराज और थानजी महाराज मैं मंदिर की व्यवस्थाओं को हाथ में लेकर मंदिर का जिम्नोद्धार और नए तरीके से विकास की गति को अंजाम दिया। दरअसल है कि इसी मंदिर में खेताराम जी महाराज के सानिध्य में एक आयोजन हो रहा था उसी दरमियान महाराज का ब्रह्मलीन देवलोक गमन हो गया। जहां मौजूद संत महात्माओं ने मंदिर परिसर में समाधि दी,इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को उनकी मूर्ति स्थापना हुई। इस पर्व पर मंदिर और आसपास जगह को दुल्हन की तरह सजाया गया,वही संत महात्माओं के साथ लाभार्थी भामाशाहों का सम्मान किया गया। विशेष तौर पर श्रद्धालुओं ने गादीपति श्री श्री भीखाराम जी महाराज और श्री श्री थानजी महाराज का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर बड़े-बड़े मट अखाड़ा के साधु संतों व हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।