राजस्थान में मानसून की दमदार वापसी, कई जिलों में बारिश से बदले हालात
जयपुर। राजस्थान में करीब दो सप्ताह के ब्रेक के बाद मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने से जनजीवन भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
सबसे अधिक बारिश सीकर जिले में दर्ज की गई। देर रात शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही और जिले में 90 मिमी से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 119 मिमी तथा धोद में 116 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नवलगढ़ रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया। पुलिस लाइन, कलेक्ट्रेट परिसर और गोकुलपुरा थाने में भी पानी घुस गया। रेलवे यार्ड में जलभराव के चलते सीकर-रेवाड़ी और रेवाड़ी-जोधपुर रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण परवन नदी उफान पर पहुंच गई। नदी पर बने छोटे पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने से आवाजाही रोकनी पड़ी, जबकि नदी किनारे स्थित मंदिर भी पानी में डूब गया।
बारां जिले में करीब डेढ़ घंटे की तेज बारिश ने शहर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। स्टेशन रोड सहित कई बाजारों और निचले इलाकों में डेढ़ फीट तक पानी भर गया, जिससे दुकानों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
झुंझुनूं, चूरू, कोटपूतली-बहरोड़ और डीडवाना-कुचामन में भी मानसून का असर देखने को मिला। चूरू में कई घंटों तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि झुंझुनूं में तेज बरसात से सड़कों और गलियों में पानी भर गया। कोटपूतली-बहरोड़ में लगातार दूसरे दिन बारिश दर्ज की गई और 36 घंटे में 35 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
राजधानी जयपुर में सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। इससे अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। वहीं उदयपुर में हल्की बारिश ने उमस से राहत दिलाई।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। बुधवार से कोटा, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। बीसलपुर बांध अपनी कुल क्षमता के 66 प्रतिशत से अधिक भर चुका है, जबकि राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।