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बिना चीरे के कॉस्मेटिक तरीके से निकाली थायराइड की गांठ

बिना चीरे के कॉस्मेटिक तरीके से निकाली थायराइड की गांठ

मित्तल हॉस्पिटल के कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन एवं ईएनटी स्पेशियलिस्ट डॉ रचना जैन ने किया ऑपरेशन

अजमेर. नागौर की रहने वाली एक युवती कीथायराइड की गांठ बिना चीरा लगाए कॉस्मेटिक तरीके से  मुंह में दूरबीन डालकर निकाल दी गई। मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर  के कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन एवं ईएनटी स्पेशियलिस्ट डॉ रचना जैन ने बहुत ही कुशलता और दक्षता से यह कॉस्मेटिक ऑपरेशन किया। युवती को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज दिया जा चुका है।

मरीज के अनुसार गर्दन में गांठ महसूस होती थी। आकार बढ़ने पर वह गर्दन पर बाहरी रूप से दिखने लगी थी।  इससे बोलने में तकलीफ तो हो रही थी रूप सौंदर्य खराब लगने लगा था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। किन्तु ऑपरेशन में गर्दन पर चीरा लगने और फिर जिंदगी भर गर्दन पर उसका निशान दिखाई देने की चिंता के कारण निर्णय नहीं हो पा रहा था कि क्या किया जाए।

कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन ने बताया कि महिला रोगी होने के दृष्टिगत मुंह में दूरबीन डाल कर थायराइड की गांठ निकालने का निर्णय किया गया। उन्होंने बताया कि युवती के मुंह से गले में थायराइड की गांठ तक दूरबीन के जरिए पहुंच कर गांठ को निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन के लिए बेहद दक्षता और कुशलता की आवश्यकता होती है। यह कॉस्मेटिक सर्जरी की श्रेणी में आती है। अमूमन बड़े सेंटरों पर ही इसकी सुविधा मिलती है।  उन्होंने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल में दूरबीन से बहुत सी सर्जरी की जा रही है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सहित अन्य तरह के कैंसर की  दूरबीन से सर्जरी यहां होने लगी हैं। इसके अलावा मूत्र व गुर्दे की नली से सबंधित  , लीवर, आँत, पैनक्रियाज व पित्त की थैली से संबंधित  , पेट से संबंधित रोगों की व मोटापा कम करने की बेरियाट्रिक सर्जरी आदि की सुविधा भी यहां उपलब्ध होने लगी है।

ईएनटी स्पेशियलिस्ट डॉ रचना जैन ने बताया कि यंग एज महिला की थाइराइड गांठ की सर्जरी बहुत ही  कॉस्मेटिक रही। थाइराइड की गांठ के नजदीक आवाज की नस होने के जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन के वक्त काफी दक्षता और कुशलता चाहिए थी। उन्होंने बताया कि इस तरह  के ऑपरेशन सामान्य रूप से जिले के बाहर अन्य बड़े चिकित्सा सेंटरों पर हुआ करते हैं किन्तु मित्तल हॉस्पिटल में एक ही छत के नीचे सभी सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं और सुविधाओं के होने से मरीजों में बेहतर उपचार मिलने का विश्वास होने लगा है। उन्होंने बताया मरीज के थायराइड की गांठ का ऑपरेशन इस तरह से किया गया था कि मरीज की गर्दन का रूप सौंदर्य बरकरार बना रहा।

निदेशक मनोज मित्तल ने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस), रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स (सीजीएचएस), भूतपूर्व सैनिकों (ईसीएसएच), (ईएसआईसी), सहित राजस्थान मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना द्वारा बीमित रोगियों एवं समस्त टीपीए द्वारा उपचार के लिए अधिकृत है।

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