राजस्थान में नशा तस्करों पर शिकंजा, 8,842 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने 26 अक्टूबर को प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान 262 प्रकरण दर्ज किए गए और 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 8 सरगनाओं और तस्करों को चिह्नित किया, जबकि 6 हॉटस्पॉट पर कार्रवाई करते हुए 3,496 स्थानों की जांच की गई।
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अफीम, डोडा पोस्त, गांजा, स्मैक, हेरोइन और एमडी सहित विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए। जब्त सामग्री में 14.68 किलोग्राम अफीम, 365.33 किलोग्राम डोडा पोस्त, 65.74 किलोग्राम गांजा और गांजे के 124 पौधे शामिल हैं। इसके अलावा 352.82 ग्राम स्मैक, 112.78 ग्राम हेरोइन, 177.57 ग्राम एमडी और 1,717 नशीली गोलियां भी जब्त की गईं।
पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 247 रुपये है। कार्रवाई के दौरान 4,98,105 रुपये नकद, 15 वाहन और 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
अब तक 1,244 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ बरामद
26 अक्टूबर 2026 तक की कार्रवाई के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने मादक पदार्थों से जुड़े 7,695 मामले दर्ज कर 8,842 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त फरार, हिस्ट्रीशीटर और इनामी श्रेणी के 220 वांछित अपराधियों को पकड़ा गया। इस अवधि में 335 हॉटस्पॉट पर छापेमारी भी की गई।
पुलिस ने अब तक 1,010.55 किलोग्राम अफीम, 131.46 टन डोडा पोस्त और 274.13 किलोग्राम एमडी समेत अन्य मादक पदार्थ बरामद किए हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इन बरामदगियों का कुल अनुमानित मूल्य 1,244.20 करोड़ रुपये है।
तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए पुलिस ने 35 एमडी निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया। वहीं, मादक पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ 144 स्थानों पर छापेमारी की गई। अभियान के दौरान कुल 2,125 वाहन जब्त किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। तस्करी से कमाई गई कथित अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। 26 अक्टूबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संपत्ति संबंधी कार्रवाई के तहत 250 मामलों में 75 संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 30.25 करोड़ रुपये बताया गया है।
इसके अतिरिक्त एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत 149 कार्रवाइयां की गईं और पीआईटी एनडीपीएस कानून के तहत 101 प्रस्ताव तैयार किए गए। इन कदमों का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है।
जागरूकता अभियान से जुड़े 3.63 लाख से अधिक नागरिक
राजस्थान पुलिस नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है। 26 अक्टूबर तक अभियान से 3,63,547 नागरिकों को जोड़ा गया। इनमें से 3,58,682 लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। इस दौरान प्रदेशभर में 3,966 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चल रहे इस अभियान में कार्रवाई, अवैध संपत्तियों पर रोक और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के साथ युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाना और नशामुक्त राजस्थान की दिशा में प्रयास करना है।