निकाय चुनाव में वोट डालने वालों को मिलेगा सवैतनिक अवकाश
चित्तौड़गढ़। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 में अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान दिवस पर श्रमिकों और कार्मिकों को सवैतनिक अवकाश देने के निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को यह सुविधा मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए दी जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले में दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण की वोटिंग 9 सितंबर 2026, बुधवार को होगी। इस दौरान नगर परिषद चित्तौड़गढ़ के अलावा नगर पालिका बेगूं और रावतभाटा में मतदान कराया जाएगा।
दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को मतदान होगा। इस चरण में नगर परिषद निम्बाहेड़ा तथा नगर पालिका बड़ीसादड़ी, कपासन और आकोला के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू और उप श्रम आयुक्त चित्तौड़गढ़ शमिता जैन ने बताया कि मतदान वाले दिन संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में कार्यरत पात्र श्रमिकों एवं कार्मिकों को सवैतनिक अवकाश देना आवश्यक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नौकरी या काम की वजह से कोई पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
निर्वाचन विभाग के निर्देशों के तहत जिले के औद्योगिक संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों के नियोजकों को अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों को मतदान दिवस पर अवकाश देने के लिए कहा गया है। नियोजकों को चुनाव संबंधी प्रावधानों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित करनी होगी।
सवैतनिक अवकाश का प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-बी और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 28 में किया गया है। इन कानूनी प्रावधानों के तहत पात्र कर्मचारियों और श्रमिकों को मतदान के लिए वेतन सहित अवकाश दिया जाता है।
प्रशासन की ओर से सभी नियोजकों से अपील की गई है कि वे मतदान दिवस को लेकर कर्मचारियों को पहले से आवश्यक जानकारी दें और निर्धारित दिन सवैतनिक अवकाश उपलब्ध कराएं। इससे कर्मचारी बिना किसी परेशानी के अपने मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट डाल सकेंगे।
चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिहाज से यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का जोर है कि रोजगार या कार्यस्थल से जुड़ी किसी बाध्यता के कारण पात्र मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने से न चूके।