जयपुर में पत्नी ने की पति की हत्या!
जयपुर. जयपुर में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। लाश को मकान में छोड़कर बाहर से लॉक कर अपने पीहर चली गई। शक होने पर लॉक तोड़कर घर खोलने पर कमरे में पति की लाश पड़ी मिली। आमेर थाने में मृतक की मां ने बहू और उसके प्रेमियों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि भट्टाबस्ती निवासी 60 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत में खुद की बहू व उसके दो प्रेमियों पर बेटे वसीम (36) की हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत में बताया कि उनके बेटे वसीम की अक्टूबर 2007 में शादी हुई थी। बेटा-बहू उनके साथ ही रहते थे। शादी के कुछ समय बाद ही बहू का अफेयर शोएब से हो गया। दोनों के बीच संबंध को लेकर झगड़े होने लगे। काफी समझाने पर भी नहीं माने, उल्टे जानमाल से नुकसान पहुंचाने की धमकी देने लगे। रिश्ते को बनाए रखने के लिए वसीम ने दूर रहने का फैसला किया। आमेर इलाके में ठाटर कॉलोनी में प्लाट खरीदकर जून 2021 में पत्नी के साथ वहां रहने लगा। आरोप है कि वसीम की गैरमौजूदगी में प्रेमी को कॉल कर बहू घर बुलाने लगी। इस दौरान बहू का प्रेम-प्रसंग इब्राहीम से भी हो गया। दोनों प्रेमियों के घर पर आने-जाने का पता चलने पर वसीम ने विरोध किया तो उसको उल्टा धमकाया। सितम्बर-2022 में वसीम ने घर आकर अपनी मां को बहू की करतूत के बारे में बताया। उसके बाद वह अपनी मां के पास ही रहने लगा।
लॉक मकान के कमरे में पड़ी थी लाश
मृतक की मां ने रिपोर्ट में बताया कि 15 अक्टूबर को वसीम अपने काम से गया था। उसने कॉल कर बताया- वह आमेर वाले घर पर जाकर आएगा। अगले दिन वसीम से बातचीत नहीं हुई। 17 अक्टूबर को वसीम के कॉल नहीं उठाने पर परिवार को चिंता होने लगी। 18 अक्टूबर को घर जाकर देखने पर मकान का लॉक लगा मिला। बहू को कॉल करने पर पीहर होना बताया। अगले दिन कॉल कर बहू को आमेर स्थित मकान पर बुलाया। आरोप है कि बहू को ताला खोलने की कहा तो चाबी होने से मना कर दिया। लॉक तोड़कर घर खोला तो कमरे में वसीम की लाश पड़ी मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान और आस-पास जमीन पर खून पड़ा था। परिजनों के बेटे की हत्या के बारे में पूछा तो कहा कि वह पागल हो गया था, इस वजह से सुसाइड कर लिया। सुसाइड करने पर घर का लॉक बाहर से बंद होने के बारे में पूछने पर जबाव नहीं दिया। आरोप है कि आरोपी बहू के पुलिस डिपार्टमेंट में मौजूद परिजनों ने पुलिस पर दबाव कर पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। एफआईआर के नाम पर खाली कागजों पर साइन करवा लिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगने पर कहा कि तीन-चार महीने में आएगी, तुम्हारा केस दर्ज कर लिया गया है। बेटे की लाश देकर भेज दिया गया। वसीम की हत्या के सबूतों से छेड़छाड़ कर हत्या को आत्महत्या दिखाया गया। कोर्ट की शरण लेकर मृतक की मां ने बहू और उसके दो प्रेमियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया।