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एसीएस जल संसाधन एवं आईजीएनपी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने ली बैठक

एसीएस जल संसाधन एवं आईजीएनपी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने ली बैठक

बालोतरा। जल संसाधन एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग के सौ दिवसीय एक्शन प्लान में एनीकट, बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार कार्य प्रमुखता से शामिल होंगे।
जल संसाधन विभाग, आईजीएनपी एवं सीएडी की शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में 100 दिवसीय विभागीय कार्य योजना एवं आगामी 25 वर्षों का विजन तैयार करने पर मंथन हुआ।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में वीसी के माध्यम से आयोजित विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. अग्रवाल ने 25 वर्ष का विजन तैयार करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर आपसी समन्वय के साथ जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने सौ दिवसीय कार्ययोजना के तहत ऐसे कार्य चिन्हित करने को कहा जिन्हें 100 दिनों में पूरा किया जा सके।

सौ दिवसीय कार्य योजना में प्रमुख रूप से क्षेत्रीय स्तर पर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनीकट, बाध एवं नहरों के जीर्णोद्धार तथा सिंचाई परियोजनाओं की दक्षता में वृद्धि कर किसानों को सिंचाई के लिए अधिक जल उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। नवीन बांधो एवं पहले से स्थापित बांधो के सुधार कार्य को भी शामिल करने का निर्णय किया गया। इसके अलावा सिंचाई प्रणाली के प्रबंधन में किसानों की सहभागिता बढ़ाने के लिए जल उपभोक्ता संगमों का गठन एवं सुदृढीकरण भी इसमें शामिल रहेगा।

डॉ. अग्रवाल ने किसानों एवं जनता से जुड़े लंबित मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने, केन्द्रीय सहायता से संचालित परियोजनाओं में गति लाने तथा मुख्यमंत्री महोदय की मंशानुरूप भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस के तहत विभागीय परियोजनाओं में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा फील्ड में जाकर नियमित एवं प्रभावी जांच करने तथा सैम्पल फेल पाए जाने पर संबंधित फर्म के साथ ही परियोजना के निरीक्षण एवं सघन मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए सभी मुख्य अभियंताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति तथा लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य अभियंता संकल्प पत्र की घोषणाओं को धरातल पर लाने के लिए दृढ संकल्पित होकर कार्य करें।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में 18 दिसम्बर को सचिवालय में आयोजित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रमुख सचिवों की बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों की अनुपालना में विभाग में 100 दिन की कार्य योजना एवं आगामी 25 वर्षों का विजन तैयार करने की शुरूआत हो गई है। 25 वर्षों के विजन में बढ़ती आबादी को देखते हुए सिंचाई एवं पेयजल उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की अपेक्षाएं पूरी करने पर फोकस रहेगा।

समीक्षा बैठक में अतिरिक्त सचिव एवं मुख्य अभियंता जल संसाधन भुवन भास्कर, मुख्य अभियंता सीएडी संदीप माथुर, मुख्य अभियंता क्वालिटी कंट्रोल डी आर मीना, मुख्य अभियंता रिवर बेसिन ऑथोरिटी विनोद चौधरी, मुख्य अभियंता ईआरसीपी रवि सोलंकी, सचिव इंदिरा गांधी नहर बोर्ड जितेन्द्र दीक्षित, वित्तीय सलाहकार जल संसाधन मती शिल्पी कौशिक सहित मुख्य अभियंता जल संसाधन कोटा, जोधपुर, उदयपुर एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता वीसी के माध्यम से जुड़े।

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