होर्मुज में फिर बढ़ी रफ्तार, ईरान के तेल टैंकरों ने बढ़ाई हलचल
Tehran : तेहरान से सामने आई ताजा जानकारी के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेतों के बीच जहाजों की आवाजाही में इजाफा दर्ज किया गया है, जिसे वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
समुद्री विश्लेषण से जुड़ी संस्थाओं के अनुसार मंगलवार को 14 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे। यह आंकड़ा जून महीने में एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक आवाजाही में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ शिपिंग कंपनियां अब धीरे-धीरे इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर दोबारा भरोसा दिखाने लगी हैं।
इसी दौरान एक ऐसा जहाज भी इस मार्ग से गुजरा, जिसे पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में रखा गया था। रिपोर्टों के अनुसार यह जहाज ईरानी तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़ा माना जाता रहा है और उस पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्थाओं ने दावा किया है कि हालिया शांति पहल के बाद ईरान के कई तेल टैंकर इस क्षेत्र से गुजरने में सफल रहे हैं। इनमें नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी का एक टैंकर भी शामिल बताया गया है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था।
इससे पहले भी ईरान के दो अन्य टैंकर क्षेत्रीय समुद्री मार्ग पार कर चुके हैं। इन जहाजों में लाखों बैरल कच्चा तेल लदा होने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान अपनी तेल आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि, मौजूदा समुद्री गतिविधियां अभी भी संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची हैं। रिपोर्टों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरते थे, जबकि वर्तमान आंकड़े उससे काफी कम हैं।
शिपिंग उद्योग से जुड़े कई ऑपरेटर अब भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते, तब तक वे सीमित स्तर पर ही संचालन जारी रखेंगे। जहाज मालिकों का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी स्थिरता स्थापित होने के बाद ही समुद्री यातायात पूरी तरह सामान्य हो सकेगा।
विश्लेषकों के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यहां की गतिविधियों पर दुनिया भर के ऊर्जा बाजार, तेल कंपनियां और शिपिंग सेक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।