समेकित बाल विकास योजनाओं पर जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन
अज़मेर । विश्वविद्यालय द्वारा गोदित गांव पदमपुरा में समेकित बाल विकास योजनाओं (आईसीडीएस) के बारे में जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें गोदित गांव के नोडल अधिकारी व छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. सुभाष चंद्र एवं प्रो. लीलाधर सोनी , आचार्य, समाजशास्त्र विभाग सम्राट पृथीराज चौहान महाविद्यालय, अजमेर सम्मिलित हुए। इस दौरान आंगनबाड़ी की सुविधाओं और यहाँ मिलने वाले पोषण सामग्री के बारे में चर्चा की गई ।साथ ही बाल शिशुओं, विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों से संवाद कार्यक्रम रखा गया। जिसके तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान करने तथा डिजिटल सामग्री के माध्यम से बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करने के बारे में जानकारी दी गई । साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली गर्भवती महिला को 5000 तक की वित्तीय सहायता मिलने के बारे मैं जागरूक किया। विद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल पखारिया ने कहा कि गांव में विद्यालय एवं आंगनबाड़ी के विद्यार्थी एवं बाल शिशु समेकित बाल विकास योजनाओं से लाभांवित होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहें हैं।
इस दौरान गोदित गांव के नोडल अधिकारी प्रो. सुभाष चंद्र ने विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान अनिल पखारिया की उपस्थिति में सभी विद्यार्थियों, बाल शिशुओं एवं ग्रामीणों से बाल विवाह जैसी कुप्रथा में शामिल नहीं और नशे से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई।
प्रो लीलाधर ने विभिन्न समेकित बाल विकास योजनाओं का महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो. लीलाधार सोनी द्वारा पूरक पोषाहार, शाला पूर्व शिक्षा, वृद्धि निगरानी तथा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं उड़ान योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर बाल शिशुओं, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से संवाद किया गया तथा इन योजनाओं द्वारा दिए जा रहे विभिन्न लाभों के बारे में अवगत करा कर जागरूक किया गया।