छह दशक से कबूतर खाने में चल रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
बिना किराया के हो रहा भवन का उपयोग आरटीआई के तहत हुआ खुलासा
आलनियावास कस्बे में आयुर्वेदिक अस्पताल साढे छः दशक पूर्व सदर बाजार स्थित सार्वजनिक कबूतर खाने में खोला गया तब से लेकर आज तक अस्पताल इसी भवन में संचालित हो रहा है। 9 मार्च को आरटीआई के तहत विभाग द्वारा उपलब्ध सूचना में इस बात का खुलासा हुआ कि सन 1960 में यहां आयुर्वेदिक अस्पताल खोला गया तब से लेकर आज तक बिना किराया दिए आयुर्वेद विभाग द्वार सार्वजनिक भवन का फोकट में इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि ग्राम पंचायत के द्वारा 1995-96 के दौरान जेएसआरवाई योजना के तहत लाखों रुपए खर्च करके भवन का निर्माण करवाया। जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण भामाशाह के द्वारा लाखों रुपए कीमती जमीन दान करके भवन निर्माण के लिए जगह उपलब्ध करवाई। आयुर्वेदिक विभाग के साथ प्रशासनिक अनदेखी के चलते लाखों रुपए की लागत से बनाया गया भवन कचरा पात्र बनकर रह गया और विभाग के द्वारा सार्वजनिक कबूतर खाने में ओषधालय संचालित किया जा रहा है।