ईरानी हमलों पर भड़का बहरीन, सेना ने बताया ‘क्रूर हमला’
मनामा। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहरीन की सशस्त्र सेनाओं ने कहा है कि ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले नागरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन माना जाना चाहिए।
बहरीन की सेना के अनुसार, देश की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हवाई खतरों का सफलतापूर्वक सामना किया और उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर दिया। सेना ने दावा किया कि सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान में बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान अपनी आक्रामक नीतियों को आगे बढ़ाते हुए मिसाइलों और ड्रोन के जरिए नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है। सेना ने इन हमलों को “क्रूर” बताते हुए कहा कि ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती हैं।
हमलों के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में चेतावनी सायरन सक्रिय किए। नागरिकों को सतर्क रहने, संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने और किसी भी प्रकार के मलबे या अज्ञात वस्तु की तुरंत अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में क्षेत्र के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन का कहना है कि हमले अमेरिकी सैन्य हितों के खिलाफ किए गए थे।
इस बीच क्षेत्रीय कूटनीति भी तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत कर मौजूदा हालात पर चर्चा की। ईरानी पक्ष ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ बताया।
ईरान ने एक बार फिर दोहराया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। वहीं, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है।