ईरान ने अफवाहों पर लगाया विराम, बोला- वार्ता को लेकर सरकार पूरी तरह एकजुट
तेहरान। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने देश के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ जारी वार्ताओं को लेकर सरकार पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत के मसौदों और प्रस्तावों पर सभी जिम्मेदार संस्थान एक ही रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।
हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि युद्धविराम और वार्ता प्रस्तावों को लेकर ईरानी नेतृत्व के भीतर मतभेद उभर रहे हैं। हालांकि आरेफ ने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि देश ने वार्ताओं के लिए एक स्पष्ट नीति तय की है और सभी अधिकारी उसी दिशा में समन्वित रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) से बातचीत में आरेफ ने कहा कि बातचीत से जुड़े किसी भी दस्तावेज या प्रस्ताव को लेकर सरकार के भीतर असहमति जैसी कोई स्थिति नहीं है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय सामूहिक रणनीति के तहत लिए जा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि हालिया संघर्षों और पिछले वर्षों में सामने आई सुरक्षा चुनौतियों ने ईरान को संकट प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किए हैं। इन अनुभवों ने नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद की है।
उन्होंने बताया कि युद्धकालीन परिस्थितियों के दौरान कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, जिससे आयात, माल की निकासी और सीमा शुल्क संबंधी कार्यों में तेजी आई। आरेफ के मुताबिक, नई व्यवस्थाओं के कारण सीमा शुल्क विभाग ने अधिक दक्षता के साथ काम किया और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सफलता हासिल की।
आरेफ ने देश के विभिन्न बंदरगाहों और सीमा शुल्क केंद्रों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम परिवहन गलियारों को जल्द पूरा करने की वकालत करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास के लिए अहम साबित होंगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की ईरान की नीति को हाल की परिस्थितियों के बाद और मजबूती मिली है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय विकास योजनाओं में क्षेत्रीय अवसरों का अधिकतम उपयोग करना और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी अप्रत्यक्ष वार्ताओं के बीच आया यह बयान संकेत देता है कि तेहरान अपनी कूटनीतिक रणनीति और आंतरिक समन्वय को लेकर एक स्पष्ट संदेश देना चाहता है।