राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, वरिष्ठ IAS शिखर अग्रवाल APO
जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में (एपीओ) रख दिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें प्रशासनिक कारणों से आगामी पदस्थापन आदेशों तक एपीओ किया जाता है।
वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल को लेकर यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से जारी किया गया है। आदेश पर कार्मिक (क-1) विभाग के संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं।
कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे अग्रवाल
एपीओ किए जाने से पहले शिखर अग्रवाल राज्य सरकार में उद्योग और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों का कार्यभार देख रहे थे। उनकी जिम्मेदारियों में उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा राजकीय उपक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद शामिल था।
इसके अलावा वह दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल रहे थे।
उनके पास विनियोजन तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा) के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी था। साथ ही वह निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP), राजस्थान के प्रभारी और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के अध्यक्ष थे।
अग्रवाल राजसीको (RAJSICO) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश
कार्मिक विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी को प्रशासनिक कारणों से आगामी पदस्थापन आदेश जारी होने तक एपीओ रखा गया है। हालांकि, आदेश में इसके पीछे किसी विशिष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।
आदेश की प्रतियां राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्य सचिव, संबंधित विभागों और भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) सहित आवश्यक अधिकारियों को भेजी गई हैं। संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के साथ आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया है।
अब नए पदस्थापन आदेश पर नजर
शिखर अग्रवाल के एपीओ होने के बाद अब उनके स्थान पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां किसे सौंपी जाती हैं और अग्रवाल की अगली पदस्थापना कहां होती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल जारी आदेश के अनुसार वह आगामी पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रहेंगे।