राजस्थान में तूफान ‘अर्नब’ का असर, 27 जिलों में बारिश का अलर्ट
जयपुर। राजस्थान में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 27 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
बुधवार देर शाम भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में आसमान पर बादल छा गए। देर रात कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगी है, वहीं सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ रहा है।
कई शहरों में दो डिग्री तक गिरा पारा
पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, पिलानी, सीकर, बाड़मेर और चूरू समेत प्रदेश के कई शहरों के तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को बाड़मेर को छोड़कर किसी भी शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंचा।
सिरोही में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 36.3 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। दूसरी ओर, सीकर में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात बताई गई है।
29 और 30 अक्टूबर को ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान ‘अर्नब’ से जुड़े मौसमी बदलाव का असर राजस्थान में तीन दिन तक रह सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को इसका प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 31 अक्टूबर से मौसम प्रणाली का प्रभाव कमजोर पड़ने के आसार हैं।
मौसम में बदलाव के पीछे चक्रवाती सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी एक वजह बताई जा रही है। पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है। तेज हवा चलने की स्थिति में खुले स्थानों, कमजोर ढांचों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों के लिए भी मौसम में अचानक बदलाव महत्वपूर्ण है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल खेतों में कटी हुई है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर के अंतिम दिनों में राजस्थान में गर्मी से राहत के साथ ठंड का असर बढ़ने लगा है। बारिश और हवाओं के कारण आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।