बीपी ने बढ़ाई दिल की धड़कन : सवा अरब लोग हो रहे पीड़ित
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप के दुनिया भर में विनाशकारी प्रभाव पर अपनी
पहली रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार उच्च रक्तचाप से पीड़ित हर पांच में से लगभग चार लोगों का
पर्याप्त इलाज नहीं किया जाता है, लेकिन अगर दुनिया भर के देश कवरेज बढ़ा दे, तो 2023 से 2050 के बीच
7.6 करोड़ मौतों को रोका जा सकता है। दुनियाभर में उच्च रक्तचाप के पीड़ित लोगों की संख्या 1990 से
2019 के बीच दोगुनी हो गई, जो 65 करोड़ से 1.3 अरब पहुंच गई है।
भारत की बात करें तो हमारा देश आजकल बीमारियों के देश के रूप में अपनी पहचान बनाता जा रहा है।
इनमें एक बीमारी बीपी या उच्च रक्तचाप की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ताज़ा रिपोर्ट में बताया
गया है कि भारत में 19 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। इनमें से 37 प्रतिशत मरीजों को अपनी
बीमारी के बारे में पता है और 30 प्रतिशत हाईब्लड प्रेशर के लिए इलाज ले रहे हैं। भारत में केवल 15
प्रतिशत मरीजों का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में है। यह बीमारी साइलेंट किलर के रूप में घर घर में देखने को मिल
रही है। आज के आधुनिक परिवेश में ब्लड प्रेशर के मरीजों की तादाद दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। दौड़-
भाग भरी जिंदगी, फॉस्ट फूड और अनियमित दिनचर्या की वजह से आजकल बच्चे से बुजुर्ग तक हर उम्र के
लोगों में बीपी की समस्या देखने को मिल रही है। और वैसे तो ब्लड प्रेशर की बीमारी मामूली सी लगती है
लेकिन अगर इसपर काबू न पाया गया तो यह समस्या दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी का
कारण भी बन सकती है। ब्लड प्रेशर कम हो या ज्यादा दोनों ही ख़तरनाक होते हैं। इसलिए डॉक्टर द्वारा
अक्सर यह सलाह दी जाती है की आप नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें। देश में ज्यादा
नमक ने दिल का और हाई ब्लडप्रेशर मरीज बना दिया है। 25 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में भारत में
नमक का औसत सेवन 10 ग्राम प्रतिदिन है। जबकि WHO के मुताबिक एक व्यक्ति को एक दिन में 5 ग्राम
या उससे भी कम नमक खाना चाहिए। लेकिन भारतीय रोजाना डबल डोज में नमक खा रहे हैं, जिसमें पुरुष
औसतन 11 ग्राम और महिलाएं 9 ग्राम नमक खा रही हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ऐसे लोग जिनका ब्लड प्रेशर 140/90 से ज्यादा रहता है वो हाईब्लड
प्रेशर के मरीज माने जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के मुताबिक अगर 50 प्रतिशत लोगों को
कंट्रोल ब्लड प्रेशर वाले दायरे में लाया जा सका तो 2023 से 2050 के बीच होने वाली 76 मिलियन यानी साढे
सात करोड़ लोगों की असमय मौतों को टाला जा सकेगा. दुनिया भर में 12 करोड़ लोगों को स्ट्रोक से बचाया
जा सकेगा। 8 करोड़ हार्ट अटैक टाले जा सकेंगे। तकरीबन 1 करोड़ 70 लाख हार्ट फेल होने से बचाए जा
सकेंगे। संगठन के अनुसार के ऐसे लोग जो लाइफस्टाइल वाली बीमारियों की वजह से समय से पहले मौत
के शिकार हो सकते हैं उनकी कुल अनुमानित संख्या 22 प्रतिशत है. इनमें 25 प्रतिशत पुरुष और 19
प्रतिशतमहिलाएं होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक 25 लाख 66 हजार लोग भारत में दिल की बीमारी के शिकार हो
गए। जिनमें से 14 लाख 51 हज़ार पुरुष और 11 लाख 16 हज़ार महिलाए हैं।
बीपी के रोग से बचने के लिए जागरूकता के साथ समय पर उपचार जरुरी है। नमक कम खाएं, तंबाकू
सहित सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, शराब से बचें और नियमित रूप से फल और सब्जियां खाएं। इसके अलावा
नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम भी काफी फायदेमंद होगा।