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मुख्यमंत्री ने की जयपुर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा_ शहरी विकास के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित हो जयपुर

मुख्यमंत्री ने की जयपुर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा_ शहरी विकास के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित हो जयपुर

सुरक्षित एवं सुगम यातायात के लिए बनाएं प्रभावी कार्ययोजना, हाईटेक सिटी और मेडिसिटी बने ‘नए जयपुर’ की पहचान, निर्धारित टाइमलाइन के साथ पूरे हो विकास कार्य : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर शहर का विकास वर्तमान की आवश्यकताओं के साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। राज्य सरकार का प्रयास है कि बेहतर एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ जयपुर शहर को उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को जयपुर विकास प्राधिकरण के कार्यों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा कि जयपुर में यातायात के बढ़ते दबाव के साथ आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए जेएलएन मार्ग पर स्थित प्रमुख स्थानों को सिग्नल फ्री बनाते हुए सुगम यातायात का प्लान तैयार करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक इम्प्रुवमेंट प्लान में पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने मुख्य सचिव एवं विभागीय अधिकारियों को इसके लिए फील्ड में मौका-मुआयना करने के भी निर्देश दिए।

आधुनिक तकनीक व विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हो हाईटेक सिटी
मुख्यमंत्री ने हाईटेक सिटी परियोजना के संबंध में कहा कि दिल्ली से जयपुर की निकटता और देश-दुनिया में प्रवासी राजस्थानियों की व्यापक उपस्थिति शहर के लिए विकास एवं निवेश की नई संभावनाएं प्रस्तुत करती है। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हाईटेक सिटी का ऐसा मॉडल विकसित किया जाए, जो आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त हो। उन्होंने मेडिसिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए इसे आधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाईटेक सिटी और मेडिसिटी का विकास इस प्रकार से हो कि इनका स्वरूप नए जयपुर की पहचान बने।

कार्यों में ना हो अनावश्यक देरी
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन तय हो और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी एवं लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, आयुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण सिद्धार्थ महाजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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