Dark Mode
राजस्थान निकाय चुनाव में युवाओं पर कांग्रेस का दांव

राजस्थान निकाय चुनाव में युवाओं पर कांग्रेस का दांव

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन में बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा कि पार्टी को आधे से अधिक टिकट जेनजी और युवा उम्मीदवारों को देने चाहिए। कांग्रेस वॉर रूम में हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि राजनीति का माहौल बदल चुका है और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मैंने कहा है कि 50 प्रतिशत से अधिक टिकट जेनजी को दिए जाने चाहिए। वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का उपयोग होना चाहिए, लेकिन नई पीढ़ी को आगे लाना भी जरूरी है। उनके महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गहलोत ने वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश के आधार पर टिकट वितरण का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "सिफारिश के आधार पर टिकट मत दीजिए। इतिहास गवाह है कि जब भी सिफारिश पर टिकट दिए गए हैं, हार का सामना करना पड़ा है। टिकट असली और समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए।" गहलोत ने यहां तक कहा कि उनकी अपनी सिफारिश को भी टिकट देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। जयपुर, भरतपुर और बीकानेर से लोग मेरे पास सिफारिश लेकर आते हैं। अगर मैं भी किसी के लिए सिफारिश करूं तो उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। वरिष्ठ नेता हमेशा किसी क्षेत्र की जमीनी हकीकत से पूरी तरह परिचित नहीं होते। वहीं, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गहलोत से एक कदम आगे बढ़ते हुए घोषणा की कि पार्टी 50 नहीं बल्कि 60 प्रतिशत टिकट युवाओं को देगी। हम युवाओं को 60 प्रतिशत टिकट देंगे। यह निर्देश संगठन के निचले स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट वितरण में उम्मीदवारों के पिछले राजनीतिक व्यवहार को भी ध्यान में रखा जाएगा। निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का समर्थन करने वालों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन कांग्रेस के टिकट पर जीतकर बाद में किसी अन्य दल का साथ देने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!