वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
Caracas : वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक अब तक कम से कम 235 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बचाव दल लगातार ढही हुई इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ ही सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा तेज झटका महसूस किया गया। इन दोनों भूकंपों का असर वेनेजुएला के अलावा कैरिबियन क्षेत्र के कई हिस्सों में भी देखा गया। लोगों में अब भी लगातार आने वाले झटकों का डर बना हुआ है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तेज आफ्टरशॉक की संभावना बनी हुई है। एजेंसी का अनुमान है कि छह या उससे अधिक तीव्रता वाले झटके आने की करीब 30 प्रतिशत संभावना है। साथ ही भूस्खलन और मिट्टी के तरल होने (लिक्विफैक्शन) जैसी घटनाएं भी प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकती हैं।
यूएसजीएस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस आपदा में मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है। एजेंसी ने यह भी अनुमान लगाया है कि आर्थिक नुकसान 10 से 100 अरब डॉलर के बीच हो सकता है, जबकि सबसे गंभीर स्थिति में मौतों का आंकड़ा 10 हजार से एक लाख तक पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
वेनेजुएला भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा पर स्थित है, जहां प्लेटों की लगातार हलचल के कारण बड़े भूकंप आने का खतरा बना रहता है। हालिया झटके देश के सबसे सक्रिय फॉल्ट क्षेत्रों में शामिल बोकोनो फॉल्ट के आसपास दर्ज किए गए। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान के अनुसार देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी उच्च भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों में रहती है।
इतिहास भी इस खतरे की पुष्टि करता है। वर्ष 1967 में राजधानी काराकस में आए भीषण भूकंप में करीब 240 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 1812 के विनाशकारी भूकंप में लगभग 30 हजार लोगों ने जान गंवाई थी। वर्ष 1900 के बाद से वेनेजुएला के उत्तरी और तटीय क्षेत्रों में सात या उससे अधिक तीव्रता के कई बड़े भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।
इस बीच राहत कार्यों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ने लगा है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस ने 40 टन मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। वहीं, कई देशों ने बचाव एवं राहत कार्यों में मदद की पेशकश की है। सुरक्षा कारणों से इबेरिया, एयर यूरोपा, कोपा एयरलाइंस, एवियांका और लाताम जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने काराकस के लिए अपनी उड़ानें फिलहाल स्थगित कर दी हैं।
अमेरिका ने भी वेनेजुएला के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग का भरोसा दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, आपदा के तुरंत बाद विभिन्न संघीय एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत संसाधन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।