सूडान के कोरडोफान में ड्रोन हमलों से दहशत, UN ने जताई चिंता
जिनेवा। सूडान के कोरडोफान क्षेत्र में जारी गृहसंघर्ष के बीच ड्रोन हमलों ने हालात को और भयावह बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा है कि क्षेत्र में नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान हो रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए तुर्क ने बताया कि जनवरी के अंत से फरवरी की शुरुआत तक हुए ड्रोन हमलों में 90 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 140 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की है।
करीब तीन वर्षों से चल रहे इस संघर्ष में ग्रेटर कोरडोफान अब एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बन चुका है। हाल ही में कुछ शहरों में घेराबंदी खत्म होने से राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन हमलों के चलते हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दक्षिण कोरडोफान में स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमलों में कई लोगों की जान गई है। इसके अलावा राहत सामग्री ले जा रहे ट्रकों पर भी हमले किए गए, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्ष ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों, एंबुलेंस और चिकित्सा कर्मियों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, आरएसएफ ने इन हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया है। वहीं सूडानी सेना का दावा है कि वह क्षेत्र में हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल ने संघर्ष को और खतरनाक बना दिया है। इससे न सिर्फ सैन्य ठिकानों, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ गई है।