ऑस्ट्रेलिया पहुंचे इजरायली राष्ट्रपति, दौरे पर सुरक्षा और सियासत का साया
सिडनी। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग सोमवार सुबह चार दिन के आधिकारिक दौरे पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। यह यात्रा पिछले साल बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से की जा रही है।
राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने अपने बयान में कहा कि वे देशभर में यहूदी समुदायों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा और हौसला देना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस दौरे का मकसद हमले से प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने और आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल और प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर पहुंचे हर्ज़ोग अपने प्रवास के दौरान कई बड़े सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही, उनकी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं से भी मुलाकात होने की संभावना है।
हालांकि, यह दौरा विवादों से भी घिरा हुआ है। फिलिस्तीन को लेकर इजरायल की नीतियों के विरोध में कई संगठनों और नागरिक समूहों ने हर्ज़ोग की यात्रा पर आपत्ति जताई है। एक हजार से अधिक ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों ने खुला पत्र लिखकर कहा है कि इस समय उनका स्वागत उचित नहीं है।
हर्ज़ोग के दौरे वाले शहरों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। कैनबरा और मेलबर्न के अलावा सिडनी में भी रैली और मार्च निकाले जाने की तैयारी चल रही है। सोमवार शाम शहर के केंद्र में प्रदर्शन होने की संभावना है।
इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। न्यू साउथ वेल्स में करीब 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें से लगभग 500 पुलिसकर्मी केवल प्रदर्शन स्थलों की निगरानी के लिए लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के दौरान हुए आतंकी हमले में 16 लोगों की जान चली गई थी। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसे चरमपंथ से प्रेरित आतंकी हमला बताया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर्ज़ोग का यह दौरा एक ओर यहूदी समुदाय के लिए समर्थन का संदेश है, तो दूसरी ओर यह ऑस्ट्रेलिया में इजरायल की नीतियों को लेकर चल रही बहस को भी और तेज कर सकता है।