टॉर्चर सहा नहीं जाता'...लिखकर जयपुर में प्रेमिका ने किया सुसाइड
जयपुर में प्रेमी के टॉर्चर से परेशान एक प्रेमिका ने सुसाइड कर लिया। मरने से पहले युवती ने सुसाइड नोट लिखा कि जो सपने अंकित (प्रेमी) ने दिखाए उसका टॉर्चर सहा नहीं जाता। अब कुछ नहीं रहा मेरे पास उसके लिए। उसने बोला- जी भर गया, मन हो गया। मैंने सब कुछ खो दिया है। मैंने अंकित पर भरोसा करके बहुत बड़ी गलती की है। मेरे पास अब कुछ नहीं रहा। इसलिए मैं मरने जा रही हूं। इसके बाद युवती ने सांगानेर इलाके में स्थित एक होटल में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। ACP (सांगानेर) विनोद कुमार शर्मा ने बताया- टोंक के रहने वाले 23 साल के युवक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उसकी 21 वर्षीय बहन ने सुसाइड किया है। वह प्राइवेट कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। शिकायत में बताया- टोंक में रहने के दौरान पड़ोसी आंटी का भतीजा अंकित माथुर उनके पास रहने आया था। हरियाणा निवासी आरोपी अंकित ने बातचीत के दौरान उसकी बहन को प्यार में फांस लिया। शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पिछले करीब डेढ़ साल अलग-अलग जगह बुलाकर रेप करने लगा। पीछा करते हुए जयपुर पहुंच गया मृतका की बड़ी बहन ने बताया- अंकित का बहन को ब्लैकमेल करने का परिवार को पता चल गया था। पीछा छुड़ाने के लिए करीब 7 महीने पहले परिवार उसे लेकर सांगानेर सदर इलाके में आकर रहने लगा। आरोप है कि उसके बाद भी आरोपी अंकित ब्लैकमेल कर गलत काम करता रहा। शादी करने का दबाव बनाने पर मना कर दिया। उसने बहन के अश्लील फोटो-वीडियो शेयर कर दिए। इससे वह घबरा गई। मां ने करवाई गुमशुदगी दर्जबड़ी बहन ने बताया- 13 अगस्त की रात को छोटी बहन डिप्रेशन में थी। काफी समय तक रोती रही। रोने के बारे में पूछने पर भी कुछ नहीं बताया। अंकित माथुर के कहने पर 14 अगस्त को सुबह 6 बजे वह घर छोड़कर बिना बनाए चली गई। दो दिन तक परिवार अपने स्तर पर ढूंढता रहा। काफी प्रयास के बाद भी पता नहीं चलने पर 16 अगस्त को सांगानेर सदर थाने में मां ने गुमशुदगी दर्ज करवाई।
मरने से पहले लिखा सुसाइड नोट...
SORRY, मैंने सबका दिल दुखाया है। मैंने सब कुछ खो दिया है। मैंने अंकित पर भरोसा करके बहुत बड़ी गलती की है। मेरे पास अब कुछ नहीं रहा। इसलिए मैं मरने जा रही हूं। ये सही नहीं है, मुझे पता है। पर ऐसी जिदंगी का भी कोई मतलब नहीं है। मुझे घुटन होती है। मम्मी, वो फोटो वाली बात भूली ही नहीं जाती। मैं बहुत शार्मिंदा हूं। मैं कहीं चली जाऊं तो पुलिस को बता देना। जिंदा शायद ही मिलूं। मेरी जिदंगी तो किसी के काम की नहीं। पर मरने के बाद मेरी डेड बॉडी के कुछ पार्ट्स जरूर दान कर देना। मैंने कभी किसी की बात नहीं मानी। अब यही रास्ता है, सबको परेशानी है। मैंने अंकित के लिए सबका भरोसा तोड़ा। वह खुद का मतलब निकालता है। उसने खुद के प्यार में कैसे फंसाया पता ही नहीं चला। प्यार के लिए मैंने सब कुछ किया, पर कभी मिला ही नहीं। अंकित को मेरी डेड बॉडी से दूर रखना। अब जीने का मन नहीं है मां। मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, मुझे माफ कर देना। मैं मर जाऊं तो उसकी जिम्मेदार मैं खुद हूं। अब मुझे नफरत हो गई कि मैंने अंकित की झूठी बातों में सब कुछ खो दिया। सच में अब जीना नहीं चाहती। जो सपने अंकित ने दिखाए उसके साथ अब टॉर्चर और नहीं सहा जाता। अब कुछ नहीं रहा मेरे पास उसके लिए। उसने बोला- जी भर गया, मन हो गया। उससे पहले बोला- मैं भाइया के साथ नहीं रहूं। पहले उसे दूर करूं। उसने झूठ पर झूठ बाले और मैं सच मान लिया। वो किसी लायक नहीं है। माफ कर देना। नींद की गोलियां तीन बार खा ली। बिना सोचे चली गई, अब हिम्मत नहीं है घर वापस आने की। ज्यादा परेशान मत होना। भूल जाते है सब मरने के बाद। गुडबॉय
भाई ने केस दर्ज करवाया
सुसाइड से चार दिन पहले ही युवती के घरवालों ने सांगानेर सदर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। शव मिलने के बाद सांगानेर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतका के भाई ने मंगलवार शाम प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच ACP (सांगानेर) विनोद शर्मा कर रहे है। होटल में फंदा लगाकर किया सुसाइड 18 अगस्त की सुबह प्रताप नगर स्थित के सेक्टर-3 स्थित होटल में बहन ने सुसाइड कर लिया। होटल के कमरे में बहन साड़ी के फंदे से लटकी मिली। होटल प्रशासन की सूचना पर सांगानेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोपहर करीब 2 बजे कॉल कर उसको सुसाइड की सूचना दी गई। पुलिस ने फंदे से शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के लिए शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया गया। होटल प्रशासन ने पुलिस को बताया- 17 अगस्त की रात करीब 8 बजे बहन ने होटल में रूम लिया था। 18 अगस्त की सुबह 8 बजे वह पानी की बोतल लेने रिस्पेशन पर आई थी। उसके बाद कमरे में जाने के बाद बाहर नहीं निकली।