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राज्यपाल का बड़ा संदेश, विश्वविद्यालय गोद लें गांव और बनाएं नशामुक्त

राज्यपाल का बड़ा संदेश, विश्वविद्यालय गोद लें गांव और बनाएं नशामुक्त

जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए विश्वविद्यालयों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि समाज को नशे की बुराइयों से बचाने के लिए भी प्रभावी भूमिका निभाएं।

बुधवार को लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के साथ संवाद करते हुए राज्यपाल ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि गांवों में जनजागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से नशे के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

राज्यपाल बागडे ने विश्वविद्यालय परिसरों और उनके आसपास मादक पदार्थों की बिक्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने कुलगुरुओं से कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान की जाए जो युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे हैं और पुलिस के सहयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिन क्षेत्रों में नशे की समस्या अधिक है, वहां विशेष अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक किया जाए। इसके लिए गांवों के प्रतिष्ठित लोगों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन को भी अभियान से जोड़ा जाए ताकि सामूहिक प्रयासों से बेहतर परिणाम सामने आ सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नशामुक्त भारत को लेकर किए गए आह्वान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से 'माय भारत पोर्टल' पर अधिक से अधिक युवाओं का पंजीकरण कराने को कहा। उन्होंने बताया कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत सौ सप्ताह का विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें रैलियां, कार्यशालाएं और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी मौजूद रहे। उन्होंने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

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