ईमानदारी अभी भी जीवित है
नवलगढ. नवलगढ ईमानदारी अभी भी जिवित है इसका एक श्रेष्ठ उदाहरण कपड़ों के प्रेस करने वाले रिजवान सलीम जी खोखर धोभी है । जिन्होंने प्रेस के लिए कपड़े आए उनमें 6500 रुपए लौटकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया।
आज पिता सलीम खोखर और उनके पुत्र रिजवान खोखर का गायत्री विद्यापीठ नवलगढ़ के तत्वाधान में आज प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा के सानिध्य में रामदेवरा चौक में उनकी दुकान पर माला ,गजरा, मोमेंटो देकर भव्य स्वागत किया गया। तथा इस अवसर पिता पुत्र की ईमानदारी के कारण उनकी तारीफ की गई। संपूर्ण रामदेवरा क्षेत्र के लोग एकत्रित होकर पिता पुत्र के इस ईमानदारी के कार्य के कारण सभी लोग सराहना की। प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा गायत्री ने बताया की कल हमारे घर से प्रेस के कपड़े आए थे,जिसमे भूल से 6500 रुपया पेंट की जेब में ही रह गए । जब रिजवान खोखर प्रेस करने लगा तो उसे पैसों का पता चला ,उसने तुरंत मुझे फोन किया और पूरे पैसे मुझे वापिस किया ।उनकी ईमानदारी देखकर आज उनका सम्मान किया गया तथा गायत्री विद्यापीठ नवलगढ़ की ओर से 1100 रुपया का नगद इनाम ,माला साफा,मोमेंटो देकर और मिठाई खिलाकर समान किया गया।
इस अवसर व्याख्याता राजेश चौहान,समाज सेवी सांवर मल असवाल , सलीम खोखर ,राजेंद्र सांखला सहित शहर के कई लोग उपस्थित थे।