बाब अल मंदब पर हूतियों का कब्जा, बढ़ी समुद्री व्यापार की चिंता
अदन। यमन में हूती विद्रोहियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मायून द्वीप पर भी उनका कब्जा हो गया है। बाब अल मंदब जलडमरूमध्य में स्थित इस द्वीप पर हूतियों ने शुक्रवार तड़के पहुंचकर नियंत्रण हासिल किया। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, इस दौरान उन्हें किसी बड़े सैन्य प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही कई नावों के जरिए मायून द्वीप पहुंचे। सरकारी सैनिकों के पीछे हटने के बाद उन्होंने वहां अपनी मौजूदगी मजबूत कर ली। हूतियों ने आसपास के तटीय इलाके में बख्तरबंद वाहनों और अन्य सैन्य उपकरणों की तैनाती भी शुरू कर दी है।
मायून, जिसे पेरिम द्वीप के नाम से भी जाना जाता है, बाब अल मंदब जलडमरूमध्य के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति बेहद अहम है, क्योंकि यह संकरे समुद्री मार्ग को दो शिपिंग चैनलों में विभाजित करता है। ऐसे में द्वीप पर नियंत्रण से लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच आने-जाने वाले समुद्री मार्गों पर हूतियों की रणनीतिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
यह घटनाक्रम यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की हालिया बढ़त के बाद सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को लाल सागर के प्रमुख बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे के बाद सरकारी सैनिक दक्षिण की ओर पीछे हटे। इसके बाद हूती लड़ाके बाब अल मंदब के करीब स्थित धुबाब जिले में भी आगे बढ़े।
मोचा पर कब्जे के दौरान भारी लड़ाई हुई। हूती विद्रोहियों ने शहर के रणनीतिक बंदरगाह, हवाई अड्डे और प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों को अपने नियंत्रण में ले लिया। पिछले सप्ताह बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से पश्चिमी तट पर हूतियों ने तेजी से कई इलाकों में अपनी पकड़ बनाई है।
मायून द्वीप पर कब्जा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बाब अल मंदब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का प्रमुख रास्ता है। यमन और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के बीच स्थित यह जलडमरूमध्य लाल सागर और स्वेज नहर को अदन की खाड़ी तथा आगे अरब सागर से जोड़ता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में वैश्विक व्यापार और ऊर्जा की आवाजाही होती है।
संयुक्त राष्ट्र के यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने भी हालात को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि यमन में फिर से तेज हुई लड़ाई देश को एक बड़े और अब तक अनसुलझे क्षेत्रीय संघर्ष में खींच सकती है, जिसके असर यमन की सीमाओं से बाहर भी देखने को मिल सकते हैं।
ग्रंडबर्ग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में यमन के कई मोर्चों पर लड़ाई तेज हुई है, खासकर पश्चिमी तट पर। उन्होंने बताया कि हूतियों ने मोचा सहित कई इलाकों में बड़ा हमला किया है। मोचा बंदरगाह शहर बाब अल मंदब से करीब 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
उन्होंने कहा कि मोचा पर हूतियों का नियंत्रण उन्हें दुनिया के महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य में से एक के मार्गों के बेहद करीब ले आया है। हालांकि क्षेत्र में लड़ाई अभी जारी है और स्थिति तेजी से बदल रही है, लेकिन इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
बाब अल मंदब की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए मायून द्वीप पर हूतियों की मौजूदगी आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर नजर रखने वाला प्रमुख घटनाक्रम बन सकती है। खासकर व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह समुद्री मार्ग कितना महत्वपूर्ण है, इसे देखते हुए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी चिंता का कारण बन सकता है।