अमेरिका-ईरान बातचीत का असर, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
New Dehli : वैश्विक तेल बाजार में सोमवार को नरमी देखने को मिली, जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बाजार को उम्मीद है कि क्षेत्रीय तनाव कम होने और आपूर्ति सामान्य होने से तेल बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत से अधिक फिसलकर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड में भी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता ने निवेशकों की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। बाजार को उम्मीद है कि भविष्य में ईरान से तेल निर्यात बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक आपूर्ति मजबूत होगी और कीमतों पर दबाव बना रहेगा।
पिछले सप्ताह भी तेल बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। उस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई थी। निवेशकों को भरोसा था कि खाड़ी क्षेत्र में अटकी तेल आपूर्ति फिर से सुचारू हो सकती है और ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संकेत दिए हैं कि तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात से जुड़े कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है। इसके अलावा, कुछ रुकी हुई संपत्तियों को जारी करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनने की बात कही गई है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कभी भी बाजार की दिशा बदल सकते हैं। इसलिए निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर शेयर बाजारों पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई दिया। भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। साथ ही, भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति राहतभरी मानी जा रही है, क्योंकि इससे आयात बिल कम होने, महंगाई पर दबाव घटने और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।