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2 साल बाद एक मंच पर INDIA गठबंधन, दिल्ली बैठक में दिखी ताकत

2 साल बाद एक मंच पर INDIA गठबंधन, दिल्ली बैठक में दिखी ताकत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को INDIA ब्लॉक की सातवीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। करीब दो साल बाद गठबंधन के शीर्ष नेताओं की यह बड़ी बैठक हुई, जिसे विपक्ष की आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और एनसीपी-एससीपी की सुप्रिया सुले ने भी बैठक में भाग लिया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

कांग्रेस ने दावा किया कि बैठक में 23 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान गठबंधन की भविष्य की रणनीति, संसद के भीतर और बाहर विपक्ष की भूमिका तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख को लेकर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की मूल भावना पर लगातार हमले हो रहे हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों, निवेश की धीमी रफ्तार और रोजगार के अवसरों में कमी को भी प्रमुख मुद्दा बताया।

खड़गे ने परीक्षा प्रणाली में कथित अव्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों ने 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में एकजुटता दिखाते हुए परिसीमन से जुड़े विधेयकों का विरोध किया था और इसी सामूहिक ताकत को आगे भी बनाए रखना जरूरी है।

बैठक से पहले राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि तमिलनाडु की राजनीति में नई भूमिका निभा रही टीवीके को भी आमंत्रित किया जा सकता है। हालांकि सूत्रों के अनुसार पार्टी को इस बैठक के लिए निमंत्रण नहीं भेजा गया।

उधर, महाराष्ट्र के बारामती में एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में INDIA ब्लॉक के सभी घटक दलों को एकजुट रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका बयान बैठक से पहले विपक्षी एकता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, दिल्ली के अकबर रोड क्षेत्र में राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए कुछ पोस्टरों को लेकर भी हलचल रही। पोस्टर लगाने वालों की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पोस्टरों को हटा दिया। एक पोस्टर में शरद पवार की तस्वीर के साथ राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी भी लिखी गई थी।

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