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मतदान केन्द्रों के सुव्यवस्थिकरण एवं पुनर्गठन को लेकर निर्देश

मतदान केन्द्रों के सुव्यवस्थिकरण एवं पुनर्गठन को लेकर निर्देश

श्रीगंगानगर। निर्वाचन विभाग राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिले की 6 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित मतदान केन्द्रों के सुव्यवस्थिकरण एवं पुनर्गठन को लेकर जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अंशदीप ने समस्त ईआरओ को आवश्यक निर्देश दिए है।  
उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग द्वारा मतदान केन्द्रों के सुव्यवस्थिकरण एवं पुनर्गठन को लेकर निर्देश दिये है कि एक भवन में एक से अधिक मतदान केन्द्र होने पर भी एक मतदान केन्द्र पर अधिक मतदाता होने की स्थिति में विभाजन की प्रक्रिया अपनाई गई है। यहां समीप के अनुभागों मे अधिक मतदाताओं को स्थानांतरित कर पुनर्गठन का अभाव पाया गया है। विभाजन के स्थान पर पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया जाये। किसी भवन का नाम परिवर्तन होने के स्थिति में निर्वाचन विभाग को प्रस्ताव समय रहते प्रेषित किये जायें ताकि नाम परिवर्तन के प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया जा सके। एक ही राजस्व ग्राम अथवा एक से अधिक राजस्व ग्रामों जिनकी आबादी आपस में सटी हुई है, में शामिल सभी मतदान केन्द्रों को एक लोकेशन मानते हुए समाहितीकरण का गंभीर प्रयास किया जाना आवश्यक है।
निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार एक मतदान केन्द्र पर 1425 से अधिक मतदाताओं वाले केन्द्रों के अनुभागों की लोकेशन के आधार पर मतदाताओं को परिवार के विघटन के बिना पुनर्गठन के निर्देश दिये गये थे, परन्तु ईआरओ कार्यालयों द्वारा उक्त प्रक्रिया पर ध्यान नहीं देकर मतदान केन्द्रों की विभाजन की प्रक्रिया अपनाई गई है। सभी ईआरओ को निर्देशित किया गया है कि विभाजन के स्थान पर परिवारों के विघटन के बिना पुनर्गठन की प्रक्रिया अपनाई जाये। यथासंभव मतदान केन्द्रों पर अनावश्यक विभाजन व भवन परिवर्तन नहीं किया जाये। मतदान केन्द्र भवन जीर्ण-शीर्ण होने की स्थिति में आवश्यक आदेश, प्रमाण पत्र देना होगा।
कई प्रस्तावों में 1425 से कम मतदाता अर्थात 500 से 900 मतदाता होने पर भी पुनर्गठन का प्रयास नहीं किया जाकर विभाजन कर नवसर्जित मतदान केन्द्रों का भवन परिवर्तन कर प्रस्ताव तैयार किये गये है जो कि निर्देशों के विपरीत है। विभाजन के स्थान पर पुनर्गठन की प्रक्रिया अपनाई जाये। मतदान केन्द्रों के अनुक्रम में उनको बढ़ता हुआ क्रमांक दिया जाये। दूरी का आंकलन जीआईएस एमएपी के आधार पर न करते हुए 02 किलोमीटर से अधिक दूरी अंकित की गई है जबकि मतदान केन्द्रों के अनुभाग में अधिकतम दूरी वाले कितने मतदाता है, उनकी संख्या दर्शाते हुए वास्तविक दूरी के आधार पर मतदान केन्द्रों के पुनर्गठन का गंभीर प्रयास किया जाये।

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