करवाचौथ सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार उल्लास के साथ मनाया
सीकर। बुधवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने फेवरेट त्योहार करवाचौथ को पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया । शहर के अग्रवाल सहेलियों की बाड़ी ग्रुप ने बुधवार सुबह सामूहिक रूप से व्रत की कथा सुन कर बड़ी संख्या में एकत्रित व्रती सुहागिन महिलाओं ने एक दूसरे को बधाई देते हुए अपने अपने पति की लंबी आयु हेतु चौथ माता से प्रार्थना की ।इसके उपरांत विभिन्न प्रकार के गेम्स और संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए गए।रात्रि महिलाओं ने चांद को देख कर अपना वर्त खोला। इस कार्यक्रम में मेघा गोयल,ज्योति गर्ग ,प्रिया अग्रवाल ,आरती जोगनी,वनिता अग्रवाल ,आशिता गोयल,ईशा मित्तल,रितिका गोयल,सोनम ,रमा अग्रवाल,स्वाति मोदी ,ज्योति अग्रवाल सहित समाज की अन्य महिलाए बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सुहागिन महिलाओं का पर्व करवा चौथ आज मनाया जा रहा है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है और पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। सभी महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहता है। अलग-अलग शहरों में चंद्रदर्शन का समय अलग रहा है। सुहागिनों के लिए बहुत बड़ा दिन है क्यों कि उस दिन करवाचौथ है। आज के समय में करवाचौथ किसी पर्व से कम नहीं माना जाता है। ये औरतों खासकर शादी शुदा औरतों का ही त्योहार है। लेकिन अब वे कुंवारी लड़कियां जिनका रिश्ता तय हो गया है, वे भी यह उपवास करती हैं। इस दिन औरतें अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए पूरे दिन का उपवास करती हैं। औरतें शाम को चांद देखने के बाद ही अपना उपवास खोलती हैं। उपवासों में से एक है लेकिन तब भी महिलाएं पूरे वर्ष इसका इंतजार करती हैं। नई शादीशुदा महिला के लिए तो यह बहुत ही खास होता है जब उन्हें सज धज कर फिर से दुल्हन बनने का मौका मिलता है। इस त्योहार के आने से एक महीने पहले ही इसकी तैयारी के लिए बाजार में चहल पहल दिखने लगती है। इस समय साडिय़ां, गहने, मेकअप, चूड़ी, बिंदी पार्लर वालों की सबसे अधिक बिक्री होती है। औरतों को अपने पति व अन्य रिश्तेदारों से कई प्रकार के तोहफे मिलते हैं।
कल्याण धाम में महंत विष्णु प्रसाद शर्मा के सानिध्य में चल रही 16 दिवसीय महालक्ष्मी पूजा में करवा चौथ के पावन अवसर पर सौभाग्य के प्रतिक, महालक्ष्मी के आशीर्वाद स्वरूप दिव्य सिन्दूर एवं महंदी का वितरण किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओ ने महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया मंदिर व्यवस्थापक रविप्रसाद शर्मा ने बताया कि महालक्ष्मी के दिव्य सिंदूर एवं महंदी को प्राप्त करने हेतु भक्त दूर दूर से पहुंचते हैं। नवम्बर 5 को महालक्ष्मी की 108 जोड़ो द्वारा विशेष पूजा की जायेगी