Dark Mode
कुकी संगठन PM से बोला- हमारे एकेडमीशियंस के केस हटाएं

कुकी संगठन PM से बोला- हमारे एकेडमीशियंस के केस हटाएं

महिला जज कमेटी ने SC को 3 रिपोर्ट सौंपी, कहा- खोए डॉक्यूमेंट्स फिर से बनाएं


नई दिल्ली . कुकी संगठन कुकी इन्पी मणिपुर (KIM) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि हमारे एकेडमीशियंस पर लगे केस वापस लिए जाएं। पीएम को भेजे मेमोरेंडम में KIM ने कहा कि हमारे कई स्कॉलर्स, लेखक और समुदाय के नेताओं को लगातार धमकी मिल रही है और उनका हैरेसमेंट किया जा रहा है।
वहीं मणिपुर मामले पर तीन महिला जजों की कमेटी ने 3 रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से कहा कि लोगों के जरूरी डॉक्यूमेंट्स खो गए हैं, उन्हें फिर से जारी किया जाए।
दो कुकी असिस्टेंट प्रोफेसर और रिटायर्ड कर्नल को गिरफ्तार किया गया
कुकी संगठन ने ये भी कहा कि कुकी समुदाय के लोगों पर किए गए केस से रिसर्च वर्क, एकेडमिक एक्टिविटीज और अभिव्यक्ति की आजादी प्रभावित हो रही है। मणिपुर पुलिस ने जवाहर लाल नेहरू (JNU) के दो कुकी असिस्टेंट प्रोफेसरों और एक रिटायर्ड कर्नल को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने एक किताब एंग्लो-कुकी वॉर 1917-19 को लिखा है।
संगठन का ये भी कहना है कि हमारे पढ़े-लिखे लोगों पर लगाए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। कुकी नेता, हमारे सोशल एक्टिविस्ट्स और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन जो कई मंचों पर हमारी बातें रखते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। ये एक तरह से हमारी आवाज दबाने की कोशिश है।
मणिपुर पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को
मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। रिपोर्ट पेश करने के बाद पूर्व जस्टिस मित्तल ने कोर्ट से कहा कि मुआवजा योजना में बदलाव किए जा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते पहले 7 अगस्त की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के 3 जजों की कमेटी बनाने का निर्देश दिया था। महिला जजों की कमेटी में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रहीं गीता मित्तल हेड थीं, उनके साथ दो अन्य सदस्य जस्टिस (रिटायर्ड) शालिनी पी जोशी और जस्टिस (रिटायर्ड) आशा मेनन ने मणिपुर में राहत और पुनर्वास पर रिपोर्ट तैयार की।
CJI बोले- रिपोर्ट्स की कॉपी केस से जुड़े वकीलों को दी जाएगी
सोमवार (21 अगस्त) को CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने रिपोर्ट मिलने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मदद मांगी। इसके बाद कहा कि इन रिपोर्ट्स की कॉपी केस से जुड़े वकीलों को दी जाएगी, ताकि वे अपने सुझाव बता सकें।
कोर्ट रूम में हुई दलीलें...
CJI डीवाई चंद्रचूड़: तीन रिपोर्टें आई हैं- एक रिपोर्ट जिसमें बताया गया है कि मणिपुर के कई नागरिकों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज खो दिए हैं। दूसरी मणिपुर पीड़ित मुआवजा योजना को अपडेट किया जा सकता है। तीसरी रिपोर्ट में डोमेन विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए समिति का प्रस्ताव है। तीन रिपोर्टों की कॉपी वकीलों को दी जाएगी, वे सुझावों पर गुरुवार तक अपनी राय बताएं।
एडवोकेट इंदिरा जय सिंह: कोर्ट को आदेश देना चाहिए कि कमेटी जो भी काम कर रही है, उसकी फंडिंग केंद्र सरकार करे। कमेटी का अपना अधिकारी हो, ताकि जानकारियां आगे बढ़ाई जा सकें और समिति से जुड़ी कोई गलत इन्फॉर्मेशन न दी जाए।
CJI डीवाई चंद्रचूड़: इस मामले में कुछ निर्देश दिए जाने की जरूरत है, जिसमें प्रशासन, फंडिंग, वर्क पोर्टल बनाकर उसका प्रचार और अन्य बुनियादी चीजों पर फोकस हो। कमेटी के सुझावों पर जवाबों को वृंदा ग्रोवर समिति के साथ चर्चा करके इकट्‌ठा कर सकती हैं। इसे गुरुवार सुबह मणिपुर के महाधिवक्ता के साथ शेयर किया जाएगा।
इंदिरा जय सिंह: राहत को केवल महिलाओं तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता। कमेटी इस मामले में बहुत स्पष्ट नहीं थी, इसलिए इसका स्पष्टीकरण किया जा सकता है।
CJI डीवाई चंद्रचूड़: हालांकि तीनों जज महिलाएं हैं, लेकिन वे पहले जज हैं।
SG मेहता: बहुत स्पष्ट है और कमेटी भी इसे समझती है। इसलिए किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!